Monday, March 29, 2021

बास्कटबाल चैंपियनशिप कल 30 मार्च से जालंधर में

Monday: 29th March 2021 at 7:28 PM

लुधियाना की टीमों को गर्मजोशी के साथ रवाना किया गया 


लुधियाना
: 29 मार्च 2021: (कार्तिका सिंह//खेल स्क्रीन)::

पुरुषों और महिलाओं की 71वीं सीनियर बास्कटबाल चैंपियनशिप प्रतियोगिता कल 30 मार्च से जालंधर में शुरू हो रही है। पीएपी ग्राउंड के बास्कटबाल स्टेडियम में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता 2 अप्रैल तक चलेगी। इस चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए लुधियाना की टीमों को बहुत ही गर्मजोशी और उत्साह के साथ जालंधर के लिए विदा किया गया तांकि वे वहां से जीत कर लौटें। 

इस चैंपियनशिप के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जा रहा है। इन नियमों का पालन जहां खिलाड़ियों को करना होगा वहीँ इसे देखने आने वाले दर्शकों को  भी करना होगा। पुरुषों और महिलाओं दोनों के वर्गों में ही 11-11 टीमें होंगीं। इस तरह कुल 22 टीमें इस चैंपियनशिप के लिए संघर्ष करेंगी। इनमें लुधियाना बास्कटबाल अकेडमी की टीमें भी शामिल हैं। यह जानकारी आज पंजाब बास्कटबाल  एसोसिएशन के महासचिव तेजा सिंह धालीवाल ने दी। 

श्री धालीवाल ने आगे बताया कि सभी टीमों को चार ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप का विजयी खिलाडी लीग के आखिरी मैचों में भाग ले सकेगा तांकि पहली चार पोज़िशनों का फैसला करने में आसानी हो। इन्हीं खिलाडियों में से विजयी रहने वाले खिलाडी दिलचस्पी भरे मैच खेल कर इस को बहुत ही सनसनी भरा और दिलचस्प बनाएंगे। खेल का पल पल रोमांचक होता चला जायेगा। 

गौरतलब है कि इस समय चैंपियनशिप का टाईटल पुरुषों के वर्ग में लुधियाना बास्कटबाल एकेडमी के पास है और महिला वर्ग में यह खिताब अमृतसर की जिला टीम के पास है। 

आज जालंधर के लिए रवाना होने से पहले लुधियाना बास्कटबाल टीमों के खिलाडी लुधियाना के जानेमाने गुरुनानक स्टेडियम में एकत्र हुए। इस मौके पर पंजाब बास्कटबाल एकेडमी के उपाध्यक्ष-जे पी सिंह, पीबीए के ही कोषाधिकारी-विजय चोपड़ा, सीनियर कोच-राजिंदर सिंह, दविंदर ढींडसा, सलोनी शर्मा और नरिंदर कुमार भी मौजूद थे। डीबीए की तरफ से ब्रिज गोयल ने आशा व्यक्त की कि लुधियाना की टीमें इस बार भी विजयी हो कर लौटेंगी और नाम रौशन करेंगी। 



Monday, March 8, 2021

महिला क्रिकेट 2026 में इस बार होंगीं अधिक टीमें

 टी20 विश्व कप में 10 की बजाय 12 टीमें भाग लेंगी 

प्रतीकात्मक फोटो फीमेल क्रिकेट से साभार 

इंटरनेट//सोशल मीडिया: 8 मार्च 2021: (खेल स्क्रीन डेस्क)::

मनु साहनी-ICC Photo 
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर खेलों के क्षेत्र में भी दुबई से अच्छी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की महिलाओं की प्रतियोगिताओं में जो कि 2026 में होनी है इसमें इस बार अधिक टीमें भाग लेंगी। क्रिकेट की संचालन संस्था ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला क्रिकेट में विस्तार की अपनी योजना की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद महिला क्रिकेट खिलाड़िनों में उत्साह है। महिला क्रिकेट को चाहने वाले भी खुश नज़र आ रहे हैं। 

यह खुशखबरी देते हुए आईसीसी ने कहा कि 2026 से महिला टी20 विश्व कप में 10 की बजाय 12 टीमें भाग लेंगी। महिला वनडे विश्व कप में 2029 से आठ के बजाय 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया कि टी20 विश्व कप में 2024 तक 10 टीमें ही खेलेंगी जबकि अगले दो वनडे विश्व कप में आठ टीमों को शामिल किया जाएगा।

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने बयान में कहा, ‘‘हम पिछले चार वर्षों से वैश्विक प्रसारण कवरेज और विपणन से लेकर प्रशंसकों को जोड़ने पर ध्यान देकर महिला क्रिकेट को बढ़ावा दे रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणाम भी दिखने लग गये हैं और आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2020 को रिकार्ड एक अरब एक करोड़ वीडियो ‘व्यूज’ मिले।’’

गौरतलब है कि महिला क्रिकेट में यह सबसे अधिक देखी जाने वाली प्रतियोगिता थी। मेलबर्न में खेले गये फाइनल में रिकार्ड 86,174 दर्शक स्टेडियम में पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि महिला टी20 चैंपियन्स कप 2027 से शुरू होगा जिसमें छह टीमें भाग लेंगी।

Friday, January 15, 2021

मामला भारतीय एथलेटिक्स टीम के कोच की नियुक्त का

 शुक्रवार 15-जनवरी-2021 को 17:18 IST बजे 

 निकोलई को कोच नियुक्त करने की मंजूरी 

Courtesy Photo
नई दिल्ली: 15 जनवरी 2021: (खेल स्क्रीन ब्यूरो)::

सरकार ने भारतीय एथलेटिक्स टीम के मध्य और लंबी दूरी के कोच के रूप में बेलारूस के कोच निकोलई स्नेसारेव की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 72 वर्षीय निकोलई स्नेसारेव को सितंबर के अंत तक नियुक्त किया गया है, जिसमें जुलाई-अगस्त में होने वाले टोक्यो ओलंपिक का समय भी शामिल है।

वह 3000 मीटर स्टीपलचेजर एथलीट अविनाश साबले को कोचिंग देंगे, जो पहले ही ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके है साथ ही वह अन्य मध्य और लंबी दूरी के धावकों को कोचिंग देंगे जो ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश में जुटे है।

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने निकोलई स्नेसारेव की नियुक्ति की सराहना की और उम्मीद जतायी कि इससे भारतीय मध्य और लंबी दूरी के धावकों के प्रदर्शन में और सुधार होगा। उन्होंने कहा की "अविनाश साबले निकोलाई के साथ फिर से ट्रेनिंग करना चाहते है और हमें उम्मीद है कि इससे उन्हें और अधिक सुधार करने में मदद मिलेगी"।

श्री सुमरिवाला ने कहा “निकोलई का भारत और हमारे मध्य और लंबी दूरी के धावकों के साथ वर्षों का अनुभव रहा है। उन्होंने ललिता बाबर जैसे एथलीटों की मदद की है जो 2016 ओलंपिक खेलों में स्टीपलचेज़ प्रतियोगिता में शीर्ष 10 में समाप्त करने में सफल हुई थी। सुधा सिंह और अविनाश साबले के साथ उनके परिणाम अच्छे रहे हैं जिन्होंने उनके साथ शुरुआत में ट्रेनिंग की थी”।

स्नेसारेव 2005 में पहली बार एथलेटिक्स टीम के साथ जुड़ने के बाद से वह भारतीय टीम के साथ जुड़े रहे हैं और उन्होंने कई भारतीय एथलीटों जैसे पूजा श्रीधरन और कविता राउत को कोचिंग दी है।

*****.** 

एमजी/एएम/डीवी/एसएस

Friday, September 11, 2020

उपराष्ट्रपति ने देश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया

11-सितम्बर-2020 13:59 IST
छात्रों को कक्षाओं के बाद  शेष आधा वक़्त मैदान में बिताना चाहिए 
फिट रहने के कई तरीके सदियों से लोकप्रिय हैं-YAS Ministry फोटो 

*असाधारण खिलाड़ी उत्कृष्ट नेता भी बन सकते हैं: उपराष्ट्रपति 
*युवा खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए प्रभावी प्रतिभा निगरानी प्रणाली का आह्वान
*देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की आवश्यकता है 
*अधिक कुशल भारतीय कोचों के बड़े पूल का निर्माण करने पर भी ज़ोर दिया
*खेल प्रबंधन में पाठ्यक्रम की पेशकश करने के लिए अधिक शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह 
*देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है
*हमें मजबूत सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है
*पंजाब विश्वविद्यालय को वर्ष 2020 के लिए मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को तनाव मुक्त जीवन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेल, योग या फिर किसी अन्य शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।
गांव के लोग आज भी किसी आधुनिक  मोहताज नहीं--YAS Ministry फोटो 

श्री नायडू पंजाब विश्वविद्यालय को वर्ष 2020 के लिए लगातार दूसरी बार खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर बधाई भाषण दे रहे थे। उन्होंने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को सक्रिय रूप से खेलों को और अधिक बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।
श्री नायडू ने पंजाब विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस ट्रॉफी के लिए संक्षिप्त नाम के उपयोग नहीं करने की हिदायत दी, बल्कि उन्हें हमेशा इसे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी के रूप में उल्लेख करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना आधा समय कक्षाओं में और शेष आधा वक़्त मैदान में बिताना चाहिए। श्री नायडू ने कहा कि मैदान से उनका तात्पर्य खेल मैदान, कृषि क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र से है।
यह देखते हुए कि खेलों में उत्कृष्टता अथक परिश्रम, योजना और दृढ़ संकल्प से आएगी, उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक प्रतिभा के साथ-साथ खेल उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षकों, प्रबंधन, कर्मचारियों और छात्रों की काफी सराहना की।
देश में, खासकर युवाओं में जीवनशैली से सम्बंधित बीमारियों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे युवाओं को अस्वास्थ्यकर आहार और आरामतलब जीवनशैली के खतरों से अवगत कराना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "फिट इंडिया अभियान" की सराहना की और कहा कि यह निश्चित रूप से लोगों को फिट और स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
ग्रामीण स्कूलों के बच्चे भी भी इसी तरह बढ़े होते हैं--YAS Ministry फोटो 
श्री नायडू ने कहा कि खेल और खेल संबंधी अन्य गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और ये हमारी शारीरिक फिटनेस में सुधार करती हैं। उन्होंने कहा कि खेल हमारी संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार करता है और समूहिक खेल हमारे सामाजिक कौशल को बढ़ाते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल एकरूपता का दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन बिना किसी कटुता, कुंठित इच्छा या कुत्सित भावना के असफलताओं और बाधाओं को स्वीकार करने के लिए आवश्यक है।
श्री नायडू ने कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही उन्होंने इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक प्रभावी और व्यापक प्रतिभा निगरानी और स्काउटिंग प्रणाली की व्यवस्था का आह्वान किया।
देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, श्री नायडू ने देश में ही प्रशिक्षित उच्च कुशल भारतीय कोचों का पूल बनाने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोच काफी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से खेल प्रबंधन में अधिक संख्या में डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन अधिक बेहतर करने के लिए कुशल खेल चिकित्सा विशेषज्ञों और पेशेवरों का एक संगठन बनाना चाहिए।
श्री नायडू ने उन क्षेत्रों में अधिक संसाधनों के निवेश के महत्व को रेखांकित किया जिनमें भारत को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय गौरव के रूप में करार देते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिश्रम के साथ, भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में कई और पुरस्कार जीतकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसके लिए हमें मजबूत समर्थन प्रणाली की जरूरत है।
इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज कुमार और खेल निदेशक, कोच तथा पुरस्कार विजेता उपस्थित थे।
***

Monday, September 7, 2020

महंगा पड़ा क्रिकेट बाल पर सेनेटाइज़र लगाना

 जांच का नतीजा आने तक मिच क्लेडन को निलंबित किया गया  
लंदन: 6 सितंबर 2020: (इंटरनेट//खेल स्क्रीन):: 
प्रथम श्रेणी क्रिकेटर मिच क्लेडन
कोरोना का युग है और सेनिटाईज़र का रिवाज। लोग बार बार हाथ धोने लगे हैं। बार बार सेनिटाईज़र लगाने लगे हैं। इसी धुन में लोग  चीज़ों को भी सेनिटाईज़ करने लगे हैं।  आदत के कारण नया विवाद खबरों में है।आस्ट्रेलिया में जन्में इंग्लैंड के प्रथम श्रेणी क्रिकेटर मिच क्लेडन को गेंद पर कथित तौर पर सेनेटाइज़र लगाने के लिए उनकी काउंटी टीम ससेक्स ने निलंबित किया है। मीडिया में इसे लेकर सुर्खिया आ रही हैं। 
सैंतीस साल के दायें हाथ के तेज गेंदबाज क्लेडन पर मिडिलसेक्स के खिलाफ पिछले महीने हुए मैच के दौरान गेंद पर सेनेटाइजर लगाने के आरोप लगे थे। उन्होंने इस मैच में तीन विकेट चटकाए थे। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस मामले की जांच शुरू की है। जल्द ही जाँच का नतीजा भी सामने आ जायेगा। 
ससेक्स ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि मिडिलसेक्स के खिलाफ हमारे मैच के दौरान गेंद पर सेनेटाइजर लगाने के आरोपों की ईसीबी की जांच का नतीजा आने तक मिच क्लेडन को निलंबित किया जाता है। इस समय और कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
कोरोना वायरस महामारी के बीच कड़े स्वास्थ्य नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और विभिन्न देशों के बोर्ड ने गेंद को चमकाने के लिए गेंद पर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया है लेकिन साथ ही किसी अन्य कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को भी स्वीकृति नहीं दी गई है। इस निलंबन के कारण यह अनुभवी तेज गेंदबाज सरे के खिलाफ टीम के अगले बॉब विलिस ट्रॉफी मैच में नहीं खेल पाएगा।

Tuesday, August 25, 2020

सपने सुहाने लड़कपन के जब सच होते हैं तो....

 अर्जुन अवार्ड जीतने वाली दीपिका को हर तरफ से बधाई 
नई दिल्ली: 25 अगस्त 2020:(खेल स्क्रीन ब्यूरो)::
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला की जोशीली खिलाडी दीपिका अक्सर कमाल दिखाती रही है। इस बार उसने अर्जुन अवार्ड जीता है। एक गौरवपूर्ण उपलब्धि। दीपिका ने 2016 के ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की अगवानी की थी। भारतीय रेलवे ने दीपिका की उपलब्धिओं पर गर्व व्यक्त किया है। 
भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर का नाम देश के उन 29 खिलाड़ियों में शामिल हो गया है, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। इनके नाम की सिफारिश एक सप्ताह पूर्व मंगलवार को खेल मंत्रालय की पुरस्कार चयन समिति ने इस साल के अर्जुन पुरस्कार के लिए की थी। दीपिका ठाकुर भारतीय महिला हॉकी टीम की उपकप्तान दीपिका ठाकुर का नाम 2017 में भी अर्जुन अवार्ड के लिए चर्चा में था।
घर में न अमीरी थी न ही कोई बहुत बड़े अवसर। बस एक लगन लगी और जनून बन गई।दीपिका ठाकुर का जन्म बेहद साधारण परिवार में हुआ। बस दाल रोटी चल रही थी। इससे ज़्यादा की उड़ान तो सपने में भी सम्भव नहीं लगती थी। उनके स्वर्गवासी पिता राम नारायण ठाकुर यमुनानगर स्थित पेपर मिल में काम करते थे। जबकि मां ज्ञानती देवी गृहणी हैं। दीपिका का  बचपन पेपर मिल में ही व्यतित हुआ। लेकिन यहीं पर पैदा हुई बचपन से ही खेल में रूचि जो बढ़ती चली गई। पेपर मिल के मैदान में खिलाड़ियों को देख कर उसे अपने सपने और स्पष्ट दिखने लगते। वह उन सपनों के लिए ऊर्जा और जनून एकत्र करती रही। अपने लक्ष्य के लिए रास्ता तैयार करती रहीं। रास्ते आसान नहीं थे लेकिन वह अडिग रही। किसी मुसीबत से न घबराई। स्कूल में ही दीपिका ने हॉकी थाम ली थी। हॉकी घूमाते व खेलते देख सभी ने उसे कॉचिंग व ट्रेनिंग दिलवाने की बात कही। जिसके बाद दीपिका यमुनानगर में कोच दविंद्र साहनी के नेतृत्व में कोचिंग लेनी लगीं। आगे की पढ़ाई के लिए वह चंण्ड़ीढ़ चली गईं जो एक नया मोड़ भी साबित हुआ। 
हॉकी के [प्रति उसका जनून यहां भी ख्याति अर्जित करने लगा। कोच जसविंद्र सिंह ने दीपिका को तैयार किया। इस दौरान दीपिका ने कई डिस्ट्रिक, स्टेट और नेशनल मैच खेले और अपनी कुशलता साबित की। आखिर सन 2004 में वह पल आया जिसे दीपिका सहित परिजनों को बेसब्री से इंतजार था। दीपिका को अपनी मंजिल का पहला पड़ाव मिला और उनका चयन राष्ट्रीय टीम के लिए हुआ। उसकी उड़ान को सशक्त पंख मिले। उसके सपने साकार होते नज़र आने लगे। हर रोज़ नया आसमान नज़र आता। नै मंज़िलों के पटे मिलते। इस के बाद दीपिका ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हर प्वाइंट पर फ्लो कर हिट करने का दम रखने वाली दीपिका 240 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। हर बार कमाल कर दिखाया। बहुत से मुकाबले अपने और अपनी टीम के नाम किये। रेल मंत्रालय ने भी उसे विशेष टवीट करके बधाई दी है। 

Monday, August 24, 2020

म.प्र. शूटिंग अकादमी के प्रशिक्षक जसपाल राणा को द्रोणाचार्य अवार्ड

Monday: 24th August 2020 at 16:15 IST
 खेल मंत्री सहित बहुत से लोगों ने दी बधाई-राणा हुए भावुक 
भोपाल: सोमवार: 24 अगस्त 2020: (PRD//खेल स्क्रीन)::
मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के हाई परफॉरमेंस पिस्टल शूटिंग प्रशिक्षक श्री जसपाल राणा को इस वर्ष प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये नामांकित किया है। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने श्री राणा को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है।

मंत्री श्रीमती सिंधिया ने बधाई देते हुए कहा है कि श्री राणा ने खिलाड़ी के रूप में मात्र 18 वर्ष की उम्र में अर्जुन अवार्ड प्राप्त किया था और अब प्रशिक्षक के रूप में देश के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाजा जायेगा। उन्होंने कहा कि पद्मश्री श्री जसपाल राणा द्वारा दिये गये बेहतरीन प्रशिक्षण का नतीजा है कि म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी कु. चिकी यादव म.प्र. की पहली ऐसी खिलाड़ी है जिन्होंने टोकयो ऑलम्पिक के लिये भारत का कोटा प्राप्त किया है।

श्रीमती सिंधिया ने श्री जसपाल राणा को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।
जन्म हुआ  28 जून 1976 को चिलामू, टिहरी गढ़वाल में। एक ऐसा इलाका जहां दैनिक जन जीवन भी बहुत कठिन होता है।  यह कठिनाई ही इंसान को बहुत से परीक्षाएं पास  करने सक्षम बना देती है। यह इस भूमि पर पैदा होने वालों को इस धरती मां की सौगात समझ लीजिये। इस समय भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज हैं तो इस उपलब्धि में इस भूमि का वरदान भी है। वर्ष 1995 की कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में 8 स्वर्ण जीतकर जसपाल राणा ने नया रिकॉर्ड बनाया था जो अपने आप में एक विशेष उपलब्धि था।  भारत के दो अन्य निशानेबाजों राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और अभिनव बिन्द्रा ने ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजी का इतिहास रचा था, किंतु यदि यह कहा जाए कि जसपाल राणा ने इस भरोसे की नींव रखी थी तो ग़लत नहीं होगा। उस समय भी उन्होंने धरती मान का वंदन किया था। उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने एशियाई, विश्व कामनवेल्थ, राष्ट्रमण्डल व राष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकार्ड स्थापित किए हैं। अब द्रोणाचार्य अवार्ड का मिलना हम सभी  लिए गर्व की बात है। 
बिन्दु सुनील और डेस्क