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Friday, February 10, 2023

ऑल इंडिया सर्विस्ज़ कबड्डी टूर्नामैंट के लिए चयन

 10th February 2023 at 7:05 PM

 पंजाब की टीमों के ट्रायल 13 फरवरी को  

चंडीगढ़: 10 फरवरी 2023: (कार्तिका सिंह//खेल स्क्रीन)::

संकेतक और साभार तस्वीर 
सैंट्रल सिविल सर्विस्ज़ कल्चरल एंड बोर्ड द्वारा ऑल इंडिया सर्विस्ज़ कबड्डी (पुरूष एवं महिला) टूर्नामैंट न्यू मल्टीपर्पज़ हॉल, देहरादून में 20 से 24 फरवरी 2023 तक करवाया जा रहा है।  

इस टूर्नामैंट के लिए पंजाब की टीमों के चयन के लिए ट्रायल 13 फरवरी को गुरू नानक स्टेडियम, लुधियाना में सुबह 10 बजे लिए जाएंगे।  

खेल विभाग के प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन ट्रायलों में सुरक्षा सेवा कर्मियों/पैरा-सुरक्षा संगठनों/केंद्रीय पुलिस संगठनों/पुलिस/आरपीएफ/सीआईएसएफ/बीएसएफ/आईटीबीपी और एनएसजी आदि, केंद्रीय मंत्रालय सहित स्वायत्त पार्टियों/उपक्रमों/सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आकस्मिक/दैनिक कर्मचारियों को छोडक़र, संचालित बैंक, अस्थायी कार्यालय कर्मचारी, नवनियुक्त कर्मचारी जो 6 महीने से कम समय से नियमित सेवा में हैं, विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारी (नियमित), सरकारी अधिकारी (नियमित) अपने विभागों से एनओसी प्राप्त करने के बाद ही भाग ले सकते हैं।

इस टूर्नामैंट में आने-जाने, रहने और खाने-पीने और आने वाले खर्च की अदायगी खिलाड़ी द्वारा निजी तौर पर की जाएगी।  

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Sunday, August 22, 2021

ओलंपिक पदक जीतने वाले खिलाडियों का विशेष सम्मान: विजय इंदर सिंगला

 Sunday: 22nd August 2021 at 8:06 PM

पंजाबी हॉकी खिलाडिय़ों को समर्पित किये 10 सरकारी स्कूलों के नाम

ओलंपिक खिलाडिय़ों के नाम पर स्कूलों के नाम रखे जाने से विद्यार्थियों को खेल में आगे आने के लिए मिलेगी प्रेरणा: स्कूल शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़: 22 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन//पंजाब स्क्रीन)::

पंजाब के स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से ओलंपिक पदक विजेता हॉकी खिलाडिय़ों के सम्बन्धित क्षेत्रों के स्कूलों के नाम इन खिलाडिय़ों को समर्पित किये हैं।

श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने टोक्यो ओलंपिक-2020 में काँस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के 11 पंजाबी खिलाडिय़ों के नाम पर स्कूलों के नाम रखने की मंजूरी दे दी है।

मंत्री ने कहा कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल (जी.एस.एस.एस) मि_ापुर, जालंधर का नाम भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल अब ओलंपियन मनप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल मि_ापुर के नाम के साथ जाना जायेगा।

श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल टिंमोवाल, अमृतसर का नाम उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है जो ओलंपिक में भारत के लिए सबसे अधिक छह गोल दागने वाला भारतीय खिलाड़ी है। उन्होंने कहा कि अब यह स्कूल ओलंपियन हरमनप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल, टिंमोवाल के तौर पर जाना जायेगा।

श्री सिंगला ने बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल मि_ापुर, जालंधर का नाम ओलंपियन मनदीप सिंह वरुण कुमार सरकारी प्राइमरी स्कूल मि_ापुर, जालंधर रखा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाडिय़ों ने क्रमवार स्ट्राइकर और डिफेंस खिलाड़ी के तौर पर ओलंपिक के दौरान बहुत शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल अटारी, अमृतसर अब ओलंपियन समशेर सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल अटारी के तौर पर जाना जायेगा, जिसने टूर्नामैंट के दौरान एक सफल मिडफील्डर के तौर पर बेहतरीन भूमिका निभाई।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सरकारी मिडल स्कूल, बेसिक गर्लज़ फरीदकोट को ओलंपियन रुपिन्दरपाल सिंह सरकारी मिडल स्कूल, बेसिक गर्लज़ फरीदकोट का नाम दिया गया है। रुपिन्दरपाल ने भी टोक्यो ओलंपिक्स में 4 गोल किये थे।

उन्होंने कहा कि सरकारी मिडल स्कूल खुसरोपुर, जालंधर को ओलंपियन हार्दिक सिंह सरकारी मिडल स्कूल खुसरोपुर, जालंधर का नाम दिया गया है क्योंकि हार्दिक ने नॉक आउट पड़ाव में बहुत अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल खलहिरा, अमृतसर का नाम ओलंपियन गुरजंट सिंह सरकारी प्राइमरी स्कूल खलहिरा, अमृतसर कर दिया गया है। इसी तरह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल बुताला, अमृतसर का नाम ओलंपियन दिलप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल बुताला रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि गुरजंट और दिलप्रीत दोनों भारतीय हॉकी टीम में स्ट्राइकर के तौर पर खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल चाहल कलाँ, गुरदासपुर को ओलंपियन सिमरनजीत सिंह सरकारी हाई स्कूल चाहल कलाँ, गुरदासपुर का नाम दिया गया है। काँस्य पदक के मुकाबले में सिमरनजीत ने दो बहुत अहम गोल दागे थे।

उन्होंने बताया कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल हुसैनपुर, आर.सी.एफ., कपूरथला को ओलंपियन कृष्ण बी. पाठक सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल हुसैनपुर, आर.सी.एफ, कपूरथला का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि पाठक भारतीय टीम में आरक्षित गोलकीपर के तौर पर शामिल थे।

श्री सिंगला ने कहा कि भारतीय खेल के क्षेत्र में पंजाब का सुनहरी योगदान है और इसने देश में ओलंपिक के लिए दूसरी सबसे बड़ी टीम भेजी थी क्योंकि कुल 124 खिलाडिय़ों में से 20 पंजाब के थे।

श्री सिंगला जो लोक निर्माण विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं, ने बताया कि इसके अलावा सम्बन्धित पदक विजेता खिलाड़ी के निवास या गाँव या क्षेत्र को जोडऩे वाली सडक़ों का नाम भी उन खिलाडिय़ों के नाम पर रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास विद्यार्थियों और अन्य नौजवानों को उनकी मनपसंद खेल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

Monday, August 24, 2020

म.प्र. शूटिंग अकादमी के प्रशिक्षक जसपाल राणा को द्रोणाचार्य अवार्ड

Monday: 24th August 2020 at 16:15 IST
 खेल मंत्री सहित बहुत से लोगों ने दी बधाई-राणा हुए भावुक 
भोपाल: सोमवार: 24 अगस्त 2020: (PRD//खेल स्क्रीन)::
मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के हाई परफॉरमेंस पिस्टल शूटिंग प्रशिक्षक श्री जसपाल राणा को इस वर्ष प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये नामांकित किया है। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने श्री राणा को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है।

मंत्री श्रीमती सिंधिया ने बधाई देते हुए कहा है कि श्री राणा ने खिलाड़ी के रूप में मात्र 18 वर्ष की उम्र में अर्जुन अवार्ड प्राप्त किया था और अब प्रशिक्षक के रूप में देश के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाजा जायेगा। उन्होंने कहा कि पद्मश्री श्री जसपाल राणा द्वारा दिये गये बेहतरीन प्रशिक्षण का नतीजा है कि म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी कु. चिकी यादव म.प्र. की पहली ऐसी खिलाड़ी है जिन्होंने टोकयो ऑलम्पिक के लिये भारत का कोटा प्राप्त किया है।

श्रीमती सिंधिया ने श्री जसपाल राणा को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।
जन्म हुआ  28 जून 1976 को चिलामू, टिहरी गढ़वाल में। एक ऐसा इलाका जहां दैनिक जन जीवन भी बहुत कठिन होता है।  यह कठिनाई ही इंसान को बहुत से परीक्षाएं पास  करने सक्षम बना देती है। यह इस भूमि पर पैदा होने वालों को इस धरती मां की सौगात समझ लीजिये। इस समय भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज हैं तो इस उपलब्धि में इस भूमि का वरदान भी है। वर्ष 1995 की कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में 8 स्वर्ण जीतकर जसपाल राणा ने नया रिकॉर्ड बनाया था जो अपने आप में एक विशेष उपलब्धि था।  भारत के दो अन्य निशानेबाजों राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और अभिनव बिन्द्रा ने ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजी का इतिहास रचा था, किंतु यदि यह कहा जाए कि जसपाल राणा ने इस भरोसे की नींव रखी थी तो ग़लत नहीं होगा। उस समय भी उन्होंने धरती मान का वंदन किया था। उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने एशियाई, विश्व कामनवेल्थ, राष्ट्रमण्डल व राष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकार्ड स्थापित किए हैं। अब द्रोणाचार्य अवार्ड का मिलना हम सभी  लिए गर्व की बात है। 
बिन्दु सुनील और डेस्क