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Thursday, February 29, 2024

खेल से होता है बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास:बरसट

Thursday:29th February 2024 at 18:48

राज्य की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में कृषि महत्वपूर्ण

*पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन रहे एथलेटिक मीट में मुख्य मेहमान 

*PAU में आयोजित हुई एथलेटिक मीट 

*राज्य की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में कृषि महत्वपूर्ण


एस.ए.एस. नगर: (मोहाली//चंडीगढ़) 29 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//खेल स्क्रीन डेस्क)::

पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने आज पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना में आयोजित 57वीं वार्षिक एथलेटिक मीट में बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की। इस अवसर पर स. बरसट ने एथलेटिक मीट के आयोजन के पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी का पूरे देश में एक विशेष स्थान है। किसी भी राज्य की खुशहाली और उसकी अर्थव्यवस्था के विकास में कृषि का विशेष योगदान होता है। पंजाब की भूमि पर विभिन्न मौसमों का प्रभाव पड़ता है, जिस कारण कृषि विषय पर विभिन्न प्रकार के शोध करने की आवश्यकता है और इसमें पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी अपना पूरा योगदान दे रही है।

उन्होंने आगे कहा कि युवा पंजाब और देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना बहुत जरूरी है। इसलिए खेल से बेहतर कोई रास्ता नहीं है। खेल बच्चों में अनुशासन पैदा करता है, तांकि वे अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें। इसलिए सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही अच्छे समाज का निर्माण कर सकता है और तन व मन को स्वस्थ रखने के लिए सभी को खेलों में भाग लेना चाहिए।

पंजाब और युवाओं के विकास की बात करते हुए चेयरमैन ने कहा कि राज्य और लोगों का विकास अपनी मातृभाषा को अपना कर ही संभव है, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी मातृभाषा में अपने विचारों को बड़ी आसानी से व्यक्त कर सकता है और पंजाबी भाषा का पूरे विश्व में एक अलग ही स्थान है। पंजाबी भाषा ने मानव जाति को एकजुट रहने का संदेश दिया है। इसलिए सभी को अपनी मातृ भाषा पंजाबी में ही बात करते हुए इसका प्रचार करना चाहिए। 

इस दौरान स. हरचंद सिंह बरसट ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री संजीव अरोड़ा, डा. सतबीर सिंह गोसल, वाइस चांसलर, पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी, डा. ऋषि पाल सिंह, रजिस्ट्रार, स. हरप्रीत संधू, लेखक और पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल पंजाब, स. निर्मल सिंह जोरा, निदेशक विद्यार्थी कल्याण सहित समूह स्टाफ सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।

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Friday, February 2, 2024

पहले ओलंपियन सुखबीर सिंह गिल की स्मृति में प्रेस निमंत्रण

हॉकी स्टेडियम में एक स्मृति हॉकी मैच 3 फरवरी को 


चंडीगढ़
: 2 फरवरी 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//खेल स्क्रीन ब्यूरो)::

हम पहले ओलंपियन सुखबीर सिंह गिल की स्मृति में तीन फरवरी को एकत्रित हो रहे हैं। गौरतलब है कि उनका  ब्रायन कैंसर के कारण 47 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनके श्रद्धांजलि समारोह और भोग समारोह में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ के सभी मीडिया कर्मियों और संस्थानों को इसमें भाग लेने और कवरेज करने की गुजारिश है। इसके साथ ही नागरिकों से भी हम अनुरोध करते हैं कि वे भी इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लें। 

चंडीगढ़ के सेक्टर 42 स्थित हॉकी स्टेडियम में सुबह 11:00 बजे दिनांक 03 फरवरी को उनकी स्मृति में एक हॉकी मैच का आयोजन होगा। हॉकी स्टेडियम 42 से गुरुद्वारा साहिब सेक्टर 49 तक श्रद्धांजलि मार्च भी निकलेगा जिसका रुट मार्गसेक्टर- 42-43-44-45-46-49 की आंतरिक सड़कों से होगा।  इसके बाद भोग और अंतिम ार्ड्स का आयोजन सेकतर 49 गुरुद्वारा के गुरुद्वारा साहिब में होगा। 

ब्रेन टयूमर के साथ संग्राम को लेकर उनका जीवन लगातार संघर्ष का जीवन बना रहा। सुखबीर सिंह गिल को दिसंबर 2006 में ब्रेन टयूमर की इस भयानक बीमारी का पता चल गया था। उन्हें कुछ समय से सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। इससे पहले के खतरे को रोका जा सकता एक दिन अचानक उन्हें दौरा पड़ा और वह घर पर ही गिर पड़े। यह इस खतरे की गंभीर शिखर थी। परिजनों की तरफ से उन्हें उन्हें एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया जहां सीटी स्कैन और एमआरआई परीक्षण की एक आवश्यक शृंखला के माध्यम से उन्हें ब्रेन ट्यूमर होने का पता चला। 

ब्रेन ट्यूमर का यह मामला बेहद गंभीर निकला। इसे ठीक करने के लिए कई बार ब्रेन की सर्जरी करवाई गई थीं लेकिन यह बीमारी बार बार सिर उठाने लगी। इसका स्थाई इलाज नहीं हो पाया। पहली सर्जरी उत्तर भारत के जानेमाने सर्वश्रेष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. वीके काक ने की थी। उम्मीद थी ान उन्हें इससे पक्की राहत मिल सकेगी लेकिनट्यूमर का फिर से उभरना जारी रहा। 

इस के चलते ही ओपन स्कल ऑपरेशन और गामा नाइफ रेडियो सर्जरी सहित विभिन्न जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं की आवश्यकता भी पड़ी। बीच में जब वह आंशिक रूप से ठीक हो गए तो वह स्कल कैप के साथ खेल के मैदान में लौटे और प्रीमियर हॉकी लीग में खेले। 

इसी तरह सं 2021 में आखिरी चिकित्सा प्रक्रिया ने उन्हें पूरी तरह से बिस्तर पकड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने घरेलू हॉकी में भारत पेट्रोलियम का प्रतिनिधित्व किया और इसी में नौकरी की। भारत पेट्रोलियम ने ही गिल को सभी चिकित्सा सहायता प्रदान की और प्रमुख और महंगी सर्जरी और चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए अधिकांश चिकित्सा बिल उठाए। इस तरह उन्हें बचाने की निरंतर कोशिशें की गईं। उन्हें बचाने के सभी प्रयास नाकाम रहे। 47/48 वर्ष की उम्र में वह उस सफर पर रुखसत हो गए जहां से कोई नहीं लौटता। अब उनकी यादें शेष हैं। जिन जिन स्थानों से उनका लगवा और अनजाना रहा वहां के  अब भी महसूस होते हैं। 

उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ से ही शुरू हुआ था श्री गिल का हॉकी के साथ ऐतिहासिक इश्क़ का सफर। यहाँ की सडकें,यहाँ के इलाके, यहाँ के लोग उनके साथ भावनात्मक तौर पर भी जुड़े हुए थे। इसी हवा में  ली थी। यह अखिरो सांसों तक जारी भी रहा। सुखबीर गिल के हॉकी के खेल के शुरुआती दिनों में सेक्टर-41 में शिवालिक पब्लिक स्कूल में अपने हाॅकी के खेल को निखारा और बाद में सेक्टर-10 में डीएवी कॉलेज चले गए। उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने से पहले अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय हॉकी चैंपियनशिप में पंजाब यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया। संन्यास लेने के बाद गिल ने मोहाली के शिवालिक पब्लिक स्कूल में एक अकादमी चलाई और उभरते और पेशेवर खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने के लिए हर साल हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन किया। 

उनकी सांसें रुक गई। उम्र की पूँजी भी खत्म हो गई लेकिन उनसे जुड़ें बातें अब भी हमारे ज़हन में हैं। उनकी प्रेरणा लगातार चलती रहेगी।  महफिलों में उनकी चर्चा बानी रहेगी। भारत पेट्रोलियम का प्रतिनिधित्व करने के अलावा चंडीगढ़ टीम के नियमित सदस्य रहे। वह सिडनी ओलंपिक (2000), कुआलालंपुर में हॉकी विश्व कप (2002) और 2002 में कोलोन (जर्मनी) में एफआईएच चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम की ओर से खेले।उनका खेल नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। 

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Friday, February 10, 2023

ऑल इंडिया सर्विस्ज़ कबड्डी टूर्नामैंट के लिए चयन

 10th February 2023 at 7:05 PM

 पंजाब की टीमों के ट्रायल 13 फरवरी को  

चंडीगढ़: 10 फरवरी 2023: (कार्तिका सिंह//खेल स्क्रीन)::

संकेतक और साभार तस्वीर 
सैंट्रल सिविल सर्विस्ज़ कल्चरल एंड बोर्ड द्वारा ऑल इंडिया सर्विस्ज़ कबड्डी (पुरूष एवं महिला) टूर्नामैंट न्यू मल्टीपर्पज़ हॉल, देहरादून में 20 से 24 फरवरी 2023 तक करवाया जा रहा है।  

इस टूर्नामैंट के लिए पंजाब की टीमों के चयन के लिए ट्रायल 13 फरवरी को गुरू नानक स्टेडियम, लुधियाना में सुबह 10 बजे लिए जाएंगे।  

खेल विभाग के प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन ट्रायलों में सुरक्षा सेवा कर्मियों/पैरा-सुरक्षा संगठनों/केंद्रीय पुलिस संगठनों/पुलिस/आरपीएफ/सीआईएसएफ/बीएसएफ/आईटीबीपी और एनएसजी आदि, केंद्रीय मंत्रालय सहित स्वायत्त पार्टियों/उपक्रमों/सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आकस्मिक/दैनिक कर्मचारियों को छोडक़र, संचालित बैंक, अस्थायी कार्यालय कर्मचारी, नवनियुक्त कर्मचारी जो 6 महीने से कम समय से नियमित सेवा में हैं, विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारी (नियमित), सरकारी अधिकारी (नियमित) अपने विभागों से एनओसी प्राप्त करने के बाद ही भाग ले सकते हैं।

इस टूर्नामैंट में आने-जाने, रहने और खाने-पीने और आने वाले खर्च की अदायगी खिलाड़ी द्वारा निजी तौर पर की जाएगी।  

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Thursday, January 12, 2023

10वीं राष्ट्रीय गतका महिला चैंपियनशिप 20 जनवरी से तलवंडी साबो में

Thursday 12th January 2023 at 5:54 PM

खिलाड़ियों के लिये लंगर और आवास की पर्याप्त व्यवस्था होगी 

चंडीगढ़: 12 जनवरी 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

गतका केवल एक खेल नहीं बल्कि एक ऐसा मार्शल आर्ट है जिसकी ज़रूरत आज के दौर में बहुत ज़्यादा बढ़ गई है। जिस तेज़ी से महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध और हिंसा में तेज़ी आ रही है उसे देखते हुए हर लड़की को सबसे पहले मार्शल आर्ट ही सीखना चाहिए। ज़िंदगी में कदम कदम पर आत्म रक्षा के काम आने वाला यह हुनर जीवन की रक्षा भी करता है। गतका सीखने वाले संगठन इस दिशा में बहुत अच्छा योगदान भी दे रहे हैं। इसके शिविर भी अक्सर लगते रहते हैं और मुकाबिले भी होते रहते हैं।

देश की सबसे पुरानी पंजीकृत गतका खेल संस्था, नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनजीएआई) की और से 20 जनवरी से 21 जनवरी तक माता साहिब कौर गर्ल्स कॉलेज तलवंडी साबो, जिला बठिंडा में 10वीं महिला गतका चैंपियनशिप का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए नेशनल गतका एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि गतका एसोसिएशन पंजाब एंव ज़िला गतका एसोसिएशन बठिंडा के सहयोग से ये गतका प्रतियोगिताएं में सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर आयु समूहों में दर्जन भर से अधिक राज्य की टीमों प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगी।  लेंगे। आयु 14 से कम, 18 से कम, 22 से कम और 25 से कम आयु वर्ग में हो रही यह प्रतियोगिता विश्व गतका फेडरेशन और एनजीएआई के गतका नियमानुसार संचालित की जाएगी।

इस बीच, एन.जी.ए.आई. के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर सिमरनजीत सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के लिये लंगर और आवास की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।  उन्होंने आगे कहा कि इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रत्येक टीम को अपनी गतका किट लानी होगी।भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।