Wednesday, January 28, 2026

देहरादून, उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 JAN 2025 at 9:36PM by PIB Delhi

Inaugurating the 38th National Games in Uttarakhand

 समारोह में प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ


भारत माता की जय! 

देवभूमि उत्तराखंड के गवर्नर गुरमीत सिंह जी, युवा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी अजय टम्टा जी, रक्षा खडसे जी, उत्तराखंड असेंबली की स्पीकर रितु खंडूरी जी, स्पोर्ट्स मिनिस्टर रेखा आर्य जी, कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रेसिडेंट क्रिस जेनकिंस जी, IOA की प्रेसिडेंट पी.टी. ऊषा जी, सांसद महेंद्र भट्ट जी, राष्ट्रीय खेलों में शामिल होने आए देशभर के सभी खिलाड़ी, अन्य महानुभाव!

देवभूमि आज युवा ऊर्जा से और दिव्य हो उठी है। बाबा केदार, बद्रीनाथ जी, मां गंगा के शुभाशीष के साथ, आज नेशनल गेम्स शुरु हो रहे हैं। ये वर्ष उत्तराखंड के निर्माण का 25वां वर्ष है। इस युवा राज्य में, देश के कोने-कोने से आए हजारों युवा अपना सामर्थ्य दिखाने वाले हैं। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बड़ी सुंदर तस्वीर यहां दिख रही है। नेशनल गेम्स में इस बार भी कई देसी पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। इस बार के नेशनल गेम्स, एक प्रकार से ग्रीन गेम्स भी हैं। इसमें environment friendly चीजों का काफी इस्तेमाल हो रहा है। नेशनल गेम्स में मिलने वाले सभी मेडल और ट्रॉफियां भी ई-वेस्ट से बनी हैं। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर यहां एक पौधा भी लगाया जाएगा। ये बहुत ही अच्छी पहल है। मैं सभी खिलाड़ियों को, बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं धामी जी और उनकी पूरी टीम को, उत्तराखंड के हर नागरिक को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई देता हूं।

साथियों, 

हम अक्सर सुनते हैं, सोना तप कर खरा होता है। हम खिलाड़ियों के लिए भी ज्यादा से ज्यादा मौके बना रहे हैं, ताकि वे अपने सामर्थ्य को और निखार सकें। आज साल भर में कई टूर्नामेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया सीरीज में कई सारे नए टूर्नामेंट्स जोड़े गए हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स की वजह से यंग प्लेयर्स को आगे बढ़ने का मौका मिला है यूनिवर्सिटी गेम्स, यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को नए अवसर दे रहे हैं। खेलो इंडिया पैरा गेम्स से पैरा एथलीट्स की परफॉर्मेंस नए-नए अचीवमेंट कर रही है। अभी कुछ दिन पहले ही लद्दाख में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पांचवां एडिशन शुरू हो चुका है। पिछले साल ही हमने बीच गेम्स का आयोजन किया था। 

और साथियों,

ऐसा नहीं है कि ये सारे काम सिर्फ सरकार ही करा रही है। आज भाजपा के सैकड़ों सांसद नए टैलेंट को आगे लाने के लिए अपने क्षेत्रों में सांसद खेल कूद स्पर्धा करा रहे हैं। मैं भी काशी का सांसद हूं, अगर मैं सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र की बात करूं, तो सांसद खेल प्रतियोगिता में हर साल काशी संसदीय क्षेत्र में करीब ढाई लाख युवाओं को खेलने का, खिलने का मौका मिल रहा है। यानि देश में खेलों का एक खूबसूरत गुलदस्ता तैयार हो गया है, जिसमें हर सीजन में फूल खिलते हैं, लगातार टूर्नामेंट होते हैं।

साथियों,

हम स्पोर्ट्स को भारत के सर्वांगीण विकास का एक प्रमुख माध्यम मानते हैं। जब कोई देश स्पोर्ट्स में आगे बढता है, तो देश की साख भी बढ़ती है, देश का प्रोफाइल भी बढ़ता है। इसलिए, आज स्पोर्ट्स को भारत के विकास से जोड़ा जा रहा है। हम इसे भारत के युवाओं के आत्मविश्वास से जोड़ रहे हैं। आज भारत, दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने की ओर अग्रसर है, इसमें स्पोर्ट्स इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा हो, ये हमारा प्रयास है। आप जानते हैं, किसी स्पोर्ट्स में सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं खेलता, उसके पीछे एक पूरा इकोसिस्टम होता है। कोच होते हैं, ट्रेनर होते हैं, न्यूट्रिशन और फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग होते हैं, डॉक्टर होते हैं, इक्विपमेंट्स होते हैं। यानि इसमें सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग, दोनों के लिए स्कोप होता है। ये जो अलग-अलग स्पोर्ट्स का सामान पूरी दुनिया के खिलाड़ी यूज़ करते हैं, भारत उनका क्वालिटी मैन्युफेक्चरर बन रहा है। यहां से मेरठ ज्यादा दूर नहीं है। वहां स्पोर्ट्स का सामान बनाने वाली, 35 हज़ार से ज्यादा छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। इनमें तीन लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। ये इकोसिस्टम देश के कोने-कोने में बने, आज देश इसके लिए काम कर रहा है।

साथियों,

कुछ समय पहले मुझे दिल्ली में अपने आवास पर ओलंपिक्स टीम से मिलने का अवसर मिला। बातचीत के दौरान एक साथी ने, पीएम की नई परिभाषा बताई थी। उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ी मुझे पीएम यानि प्राइम मिनिस्टर नहीं, बल्कि परम मित्र मानते हैं। आपका ये विश्वास ही मुझे ऊर्जा देता है। मेरा आप सभी के टैलेंट पर, आपके सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है, हमारी पूरी कोशिश है, आपका सामर्थ्य बढ़े, आपके खेल में और निखार आए। बीते 10 सालों में देखिए, आपके टैलेंट को सपोर्ट करने पर हमने निरंतर फोकस किया है। 10 साल पहले स्पोर्ट्स का जो बजट था, वो आज तीन गुना से ज्यादा हो चुका है। TOPS स्कीम के तहत ही देश के दर्जनों खिलाड़ियों पर सैकड़ों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत देशभर में आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। आज स्कूल में भी स्पोर्ट्स को मेनस्ट्रीम किया गया है। देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी मणिपुर में बन रही है।

साथियों,

सरकार के इन प्रयासों का नतीजा हम ग्राउंड पर देख रहे हैं, मेडल टैली में दिखाई दे रहे हैं। आज हर इंटरनेशनल इवेंट में भारतीय खिलाड़ी अपना परचम लहरा रहे हैं। ओलंपिक्स और पैरालंपिक्स में, हमारे खिलाड़ियों ने कितना अच्छा प्रदर्शन किया है। उत्तराखंड से भी कितने ही खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं। मुझे खुशी है कि बहुत से मेडल विनर आज आपका हौसला बढ़ाने के लिए यहां इस वेन्यू पर भी आए हैं।

साथियों, 

हॉकी में पुराने गौरवशाली दिन वापस लौट रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही हमारी खो-खो टीम ने वर्ल्ड कप जीता है। हमारे गुकेश डी. ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता, तो दुनिया हैरान रह गई। कोनेरू हम्पी, महिला विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन बनीं, ये सफलता दिखाती है कि भारत में कैसे स्पोर्ट्स अब सिर्फ Extra-Curricular Activity नहीं रह गया है। अब हमारे युवा Sports को प्रमुख Career Choice मानकर काम कर रहे हैं। 

साथियों,

जैसे हमारे खिलाड़ी हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर चलते हैं, वैसे ही, हमारा देश भी बड़े संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। आप सभी जानते हैं कि भारत, 2036 ओलंपिक्स की मेज़बानी के लिए पूरा ज़ोर लगा रहा है। जब भारत में ओलंपिक होगा, तो वो भारत के स्पोर्ट्स को एक नए आसमान पर ले जाएगा। ओलंपिक्स सिर्फ एक खेल का आयोजन भर नहीं होता, दुनिया के जिन देशों में भी ओलंपिक्स होता है, वहां अनेक सेक्टर्स को गति मिलती है। ओलंपिक्स के लिए जो स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है, उससे भी रोजगार बनता है। भविष्य में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं बनती हैं। जिस शहर में ओलंपिक होता है, वहां नया कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है। इससे कंस्ट्रक्शन से जुड़ी इंडस्ट्री को बल मिलता है, ट्रांसपोर्ट से जुड़ा सेक्टर आगे बढ़ता है। और सबसे बड़ा फायदा तो देश के टूरिज्म को मिलता है। अनेकों नए होटल बनते हैं, दुनिया भर से लोग ओलंपिक्स में हिस्सा लेने और गेम्स देखने आते हैं। इसका पूरे देश को फायदा होता है। जैसे ये नेशनल गेम्स का आयोजन, यहां देवभूमि उत्तराखंड में हो रहा है। यहां जो दर्शक, देश के दूसरे हिस्से से आएंगे, वो उत्तराखंड के दूसरे हिस्सों में भी जाएंगे। यानि स्पोर्ट्स के एक इवेंट से सिर्फ खिलाड़ियों को ही फायदा नहीं होता, बल्कि बहुत से अन्य सेक्टर्स की इकोनॉमी भी इससे ग्रो करती है।

साथियों,

आज दुनिया कह रही है, 21वीं सदी भारत की सदी है। और यहां बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से, मेरे दिल से अचानक ही निकला था- ये उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी है कि उत्तराखंड तेज़ी से प्रगति कर रहा है। कल ही उत्तराखंड देश का ऐसा राज्य बना है, जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक संहिता लागू की, मैं कभी-कभी इसे सेक्‍युलर सिविल कोड भी कहता हूं। समान नागरिक संहिता, हमारी बेटियाँ, माताओं-बहनों के गरिमापूर्ण जीवन का आधार बनेगी। यूनिफॉर्म सिविल कोड से लोकतंत्र की स्पिरिट को मजबूती मिलेगी, संविधान की भावना मजबूत होगी। और मैं आज यहां स्पोर्ट्स के इस इवेंट में हूं, तो इसे मैं आपसे जोड़कर भी देखता हूं। स्पोर्ट्स-मैन-शिप हमें भेदभाव की हर भावना से दूर करती है, हर जीत, हर मेडल के पीछे का मंत्र होता है- सबका प्रयास। स्पोर्ट्स से हमें टीम भावना के साथ खेलने की प्रेरणा मिलती है। यही भावना यूनिफॉर्म सिविल कोड की भी है। किसी से भेदभाव नहीं, हर कोई बराबर। मैं उत्तराखंड की भाजपा सरकार को इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई देता हूं। 

साथियों,

उत्तराखंड में पहली बार, इतने बड़े पैमाने पर इस तरह के नेशनल इवेंट का आयोजन हो रहा है। ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इससे यहां रोजगार के भी ज्यादा अवसर बनेंगे, यहां के युवाओं को यहीं पर काम मिलेगा। उत्तराखंड को अपने विकास के लिए और भी नए रास्ते बनाने ही होंगे। अब जैसे उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था सिर्फ चार धाम यात्राओं पर निर्भर नहीं रह सकती। सरकार आज सुविधाएं बढ़ाकर इन यात्राओं का आकर्षण लगातार बढ़ा रही है। हर सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या भी नए रिकॉर्ड बना रही है। लेकिन इतना काफी नहीं है। उत्तराखंड में शीतकालीन आध्यात्मिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करना जरूरी है। मुझे खुशी है कि इस दिशा में भी उत्तराखंड में कुछ नए कदम उठाए गए हैं। 

साथियों, 

उत्तराखंड एक प्रकार से मेरा दूसरा घर है। मेरी भी इच्छा है कि मैं शीतकालीन यात्राओं का हिस्सा बनूं। मैं देशभर के युवाओं से भी कहूंगा कि सर्दियों में जरूर उत्तराखंड आएं। तब यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी उतनी नहीं होती। आपके लिए एडवेंचर से जुड़ी एक्टिविटीज़ की बहुत संभावना यहां पर है। आप सभी एथलीट्स भी नेशनल गेम्स के बाद इनके बारे में जरूर पता करिएगा और हो सके तो देवभूमि के आतिथ्य का और ज्यादा दिनों तक आनंद उठाइएगा। 

साथियों,

आप सभी अपने-अपने राज्यों को रिप्रज़ेंट करते हैं। आने वाले दिनों में आप यहां कड़ी स्पर्धा करेंगे। अनेक नेशनल रिकॉर्ड टूटेंगे, नए रिकॉर्ड बनेंगे। आप पूरे सामर्थ्य के अनुसार अपना शत-प्रतिशत देंगे, लेकिन मेरा आपसे कुछ आग्रह भी हैं। ये नेशनल गेम्स सिर्फ खेल की ही स्पर्धा नहीं है, ये एक भारत श्रेष्ठ भारत का भी एक मजबूत मंच है। ये भारत की विविधता को सेलिब्रेट करने का आयोजन है। आप कोशिश करें, आपके मेडल में, भारत की एकता और श्रेष्ठता की चमक भी नजर आए। आप यहां से देश के अलग-अलग राज्यों की भाषा, खान-पान, गीत-संगीत की बेहतर जानकारी लेकर जाएं। मेरा एक आग्रह स्वच्छता को लेकर भी है। देवभूमि के निवासियों के प्रयासों से उत्तराखंड प्लास्टिक मुक्त बनने की दिशा में काफी मेहनत कर रहा है, आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड का संकल्प, आपके सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। इस अभियान को सफल बनाने में जरूर अपना योगदान दें।

साथियों, 

आप सभी फिटनेस का महत्व समझते हैं। इसलिए मैं आज एक ऐसी चुनौती की बात भी करना चाहता हूं, जो बहुत जरूरी है। आंकड़े कहते हैं कि हमारे देश में Obesity की, मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। देश का हर एज ग्रुप, और य़ुवा भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। और ये चिंता की बात इसलिए भी है, क्योंकि Obesity, मोटापे की वजह से Diabetes, Heart disease जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ रहा है। मुझे संतोष है कि आज देश Fit India Movement के माध्यम से फिटनेस और Healthy Lifestyle के लिए जागरूक हो रहा है। ये नेशनल गेम्स भी, हमें ये सिखाते हैं कि Physical Activity, Discipline और Balanced Life कितनी जरूरी है। आज मैं देशवासियों से कहूंगा, दो चीजों पर जरूर फोकस करें। ये दो चीजें, Exercise और Diet से जुड़ी हैं। हर दिन, थोड़ा सा समय निकालकर एक्सरसाइज जरूर करिए। टहलने से लेकर वर्क-आउट करने तक, जो भी संभव हो अवश्य कीजिए। दूसरा ये कि अपनी Diet पर फोकस कीजिए। Balanced Intake पर आपका फोकस हो और खाना न्यूट्रिशियस हो, पौष्टिक हो। 

एक और चीज हो सकती है। अपने खाने में अन-हेल्दी फैट, तेल को थोड़ा कम करें। अब जैसे हमारे सामान्य घरों में, महीने की शुरुआत में राशन आता है। अब तक अगर आप हर महीने दो लीटर खाने का तेल घर लाते थे, तो इसमें कम से कम 10 प्रतिशत की कटौती करिए। हम हर दिन जितना तेल यूज करते हैं, उसको 10 परसेंट कम करें। ये Obesity से बचने के कुछ रास्ते हमें खोजने पड़ेंगे। ऐसे छोटे-छोटे कदम उठाने से आपकी हेल्थ में बहुत बड़ा चेंज आ सकता है। और यही तो हमारे बड़े-बुजुर्ग करते थे। वो ताजी चीजें, नैचुरल चीजें, Balanced Meals खाते थे। एक स्वस्थ तन ही, स्वस्थ मन और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। मैं राज्य सरकारों, स्कूलों, ऑफिसों और Community Leaders से भी कहूंगा कि वो इसे लेकर जागरूकता फैलाएं, आप सभी को तो बहुत सारा प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस है। मैं चाहता हूं कि आप सही Nutrition की जानकारी निरंतर लोगों तक पहुंचाएं। आइए, हम सब मिलकर एक ‘फिट इंडिया’ बनाएं, इसी आह्वान के साथ। 

साथियों, 

वैसे मेरा दायित्व होता है नेशनल गेम्स की शुरुआत करवाने का, लेकिन मैं आज आप सबको जोड़कर करना चाहता हूं। तो इस गेम्‍स के शुभारंभ के लिए आप अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट चालू कीजिए, आप सब। आप सब अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट चालू कीजिए। सबके-सबके मोबाइल के फ्लैश लाइट चालू हों, आप सबके मोबाइल के फ्लैश लाइट चालू हों। आप सबके साथ मिलकर मैं 38वें नेशनल गेम्स की शुरुआत की घोषणा करता हूं। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद !

***//MJPS/ST/AV//(रिलीज़ आईडी: 2097183) 

Wednesday, November 26, 2025

विश्व कप विजेता दृष्टिबाधित महिला टीम पूरे देश के लिए प्रेरणा : डॉ. मनसुख मांडविया

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 25 NOV at 2025 9:20 PM by PIB Delhi

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विश्व कप विजेता भारतीय टीम को सम्मानित किया

दृष्टिबाधित है महिला ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्व कप विजेता भारतीय टीम

नई दिल्ली: 25 नवंबर 2025:(पीआईबी दिल्ली//खेल स्क्रीन डेस्क)::

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को अपने आवास पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हाल ही में हुए दृष्टिबाधित ट्वेंटी- ट्वेंटी विश्व कप में जीत के लिए सम्मानित किया।


भारतीय महिला टीम ने रविवार को श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हरा दिया। इस टूर्नामेंट में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका सहित छह टीमें शामिल थीं।


भारतीय महिला टीम के पहली बार आईसीसी क्रिकेट विश्व कप जीतने के कुछ ही समय बाद ही दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने जीत हासिल की है।


डॉ. मांडविया ने दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की जीत की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने देश को गौरवान्वित किया है। उनकी जीत दिव्यांग खिलाड़ियों और उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दृढ़ता से, उन्होंने महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। ​​मैं टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूँ। मैं आप सभी से भविष्‍य के टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने का आग्रह करता हूं, पूरा देश और सरकार आपके साथ है।


भारतीय टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने कहा कि मुझे इस बात की बेहद खुशी और गर्व है कि हमारे माननीय खेल मंत्री ने हमें सम्मानित करने के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया। उनके साथ बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। उनके शब्द न केवल हमें, बल्कि दृष्टिबाधित समुदाय की अन्‍य महिलाओं को खेलों को अपना करियर बनाने और अपनी कड़ी मेहनत तथा दृढ़ संकल्प से देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

****//पीके/केसी/जेके/जीआरएस//(रिलीज़ आईडी: 2194543)

Sunday, October 5, 2025

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल:

 युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 05 October  2025 at 4:28 PM by PIB Delhi

डॉ. मनसुख मांडविया ने विश्व शिक्षक दिवस पर दिल्ली में शिक्षकों का नेतृत्‍व किया

*फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल पहल के43वें संस्करण में पूरे भारत में 10,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए

*केंद्रीय खेल मंत्री ने प्रत्येक नागरिक से शारीरिक गतिविधि के लिए एक घंटा समर्पित करने का आग्रह किया ताकि भारत विकसित भारत के सपने की ओर अधिक मजबूत और स्वस्थ होकर आगे बढ़ सके

*साइकिलिंग हमें सिखाती है कि हम तभी आगे बढ़ते हैं जब हम संतुलन बनाए रखते हैं; यह संतुलन जीवन का आधार है और यह फिटनेस से आता है- डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली: 6 अक्टूबर 2025: पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज सुबह राष्ट्रीय राजधानी के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में विश्व शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 43वें संस्करण का नेतृत्व किया। यह कार्यक्रम देश भर में 10,500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में एथलीटों, फिटनेस इंफ्लुएनसर और युवाओं के साथ-साथ पूरी दिल्ली से शिक्षकों सहित 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन एथलीटों में भारतीय हॉकी टीम के एक प्रमुख सदस्य, ओलंपिक पदक विजेता अभिषेक नैन, शतरंज की दिग्गज खिलाड़ी तानिया सचदेव के साथ-साथ उभरते हुए भाला फेंक स्टार सचिन यादव और भारत के पुश-अप मैन कहे जाने वाले रोहताश चौधरी शामिल थे। इसमें शिक्षकों को समर्पित एक जीवंत नुक्कड़ नाटक, योग सत्र, रस्‍सी कूदना, फिटनेस गेम्स और बच्चों के लिए भागीदारी क्षेत्र भी शामिल थे।

लोगों को संबोधित करते हुए, डॉ. मांडविया ने इस पहल को एक सच्चा राष्ट्रव्यापी आंदोलन बताया। उन्होंने कहा, ‘‘इस आंदोलन के माध्यम से 10,500 से ज्‍यादा स्थानों पर लाखों नागरिक हर रविवार को खुद को फिट रखने के लिए साइकिल चला रहे हैं। यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के फिट इंडिया विजन का उत्सव बन गया है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘अगर हर नागरिक शारीरिक गतिविधि के लिए एक घंटा भी समर्पित करे तो भारत विकसित भारत के सपने की ओर और भी मजबूत, स्वस्थ और एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। आज इस कार्यक्रम में कई शिक्षकों ने भाग लिया और छात्रों को जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। साइकिल के पैडल हमें जीवन का सबसे बड़ा सबक सिखाते हैं कि हम तभी आगे बढ़ते हैं जब हम संतुलन बनाए रखते हैं। यह संतुलन जीवन का आधार है और यह फिटनेस से आता है।’’

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) द्वारा भारतीय साइक्लिंग महासंघ (सीएफआई), योगासन भारत और माई भारत के सहयोग से आयोजित इस साइकिलिंग अभियान ने अब भारत के सबसे प्रभावशाली फिटनेस अभियानों में से एक के रूप में अपनी पहचान बना ली है। इस कार्यक्रम में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के आधिकारिक गान का भी शुभारंभ हुआ। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम राहगीरी फाउंडेशन और फिटस्पायर के सहयोग से आयोजित किया गया जबकि रस्‍सी कूदने का नेतृत्व डॉ. शिखा गुप्ता ने किया।

इस बीच, रोहताश चौधरी-गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक और फिट इंडिया मूवमेंट के ब्रांड एंबेसडर एवं ‘‘पुशअप मैन ऑफ इंडिया’’ - ने इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनसुख मांडविया को बताया कि वह पीठ पर 60 पाउंड का बैग लेकर एक घंटे में सबसे अधिक पुश-अप करने का एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह 2 नवंबर 2025 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

भारतीय हॉकी टीम के साथ पेरिस 2024 ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले और राजगीर में एशिया कप जीतने वाले अभिषेक नैन ने नई दिल्ली में इस पहल के बारे में भावुक होकर कहा: ‘‘एथलीटों के रूप में, फिटनेस हमारा आधार है। मैं यहां सिर्फ लोगों को साइकिल चलाते हुए नहीं देख रहा हूं बल्कि भारत में स्वास्थ्य की संस्कृति को अपनाते हुए भी देख रहा हूं। यह भी बहुत प्रेरणादायक है कि पिछले कुछ महीनों में इस आंदोलन का विस्तार हुआ है।’’

ग्रैंडमास्टर तानिया सचदेव, जो संडे ऑन साइकिल में दूसरी बार शामिल हुईं है उन्‍होंने इस आंदोलन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के विजन से जोड़ते हुए एक भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करती हूं—वे खेलों के इतने बड़े समर्थक हैं और उन्होंने फिटनेस को एक जन आंदोलन में बदल दिया है।’’

यह पहल दिखाती है कि फिटनेस कैसे समुदायों को एक साथ ला सकती है। आज शिक्षकों, छात्रों और एथलीटों को एक साथ साइकिल चलाते देखना दिल को छू लेने वाला था।

43 संस्करणों के बाद, फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल पहल में देश भर में 1,00,000 से ज्‍यादा स्थानों से बड़े पैमाने पर भागीदारी हुई है। इसमें 12 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। आज एसएआई एनसीओई गुवाहाटी, छत्तीसगढ़ में एसटीसी राजनानगांव, एसएआई एसटीसी कोकराझार, एसएआई एनएसआरसी लखनऊ, एसएआई एसटीसी जबलपुर आदि जैसे अनेक और स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों से लेकर भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (एनसीओई), एसएआई प्रशिक्षण केंद्रों (एसटीसी), खेलो इंडिया राजकीय उत्कृष्टता केंद्रों (केआईएससीई) और खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ***

पीके/केसी/पीपी/वीके//(रिलीज़ आईडी: 2175084)


Thursday, September 25, 2025

विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (डब्ल्यूपीएसी) 2025:

Thursday 25th September 2025 at 10:13 PM//PIB Delhi//Azadi Ka Amrit Mahotsav

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया खास संदेश>

कहा-पैरा एथलीट चुनौतियों को पार कर नए मानक स्थापित कर रहे हैं

*केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने डब्ल्यूपीएसी के उद्घाटन की विधिवत घोषणा की

*भारत की धरती पर अब तक के सबसे बड़े पैरा स्पोर्ट्स इवेंट में रिकॉर्ड 74 एथलीट टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे

*कतर, यूएई और जापान के बाद भारत डब्ल्यूपीएसी की मेजबानी करने वाला एशिया का चौथा देश होगा

5 अक्टूबर को समाप्त होने वाले डब्ल्यूपीएसी में 104 देशों के 2200 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे

प्रविष्टि तिथि: 25 September 2025 at 10:13PM by PIB Delhi

नई दिल्ली: 25 सितंबर 2025: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

भारतीय खेलों के लिए आज के ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इंडियन ऑयल नई दिल्ली 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी दुनिया के सामने भारत की खेल और समावेशी राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा की पुष्टि करेगी। गुरुवार शाम नई दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में डब्ल्यूपीएसी 2025 का उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001VEU7.jpg

100 देशों के लगभग 2,200 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अपने विशेष संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुनौतियों को पार कर और नए मानदंड स्थापित करके पैरा एथलीटों ने एक उभरते खेल केंद्र के रूप में भारत की पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही लाखों लोगों को खेल को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

एक्स का पोस्ट लगाएँ।

2015 में कतर, 2019 में यूएई और 2024 में जापान के बाद भारत विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला चौथा एशियाई देश है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय पैरालंपिक्स समिति की ओर से किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को डब्ल्यूपीएसी 2025 की मेजबानी पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि खेल धर्म, क्षेत्र और राष्ट्रीयता की सभी बाधाओं को पार करते हुए लोगों को जोड़ने का एक शानदार माध्यम है। आज की दुनिया में खेल के इस एकीकृत पहलू पर जोर देना और भी जरूरी है। मुझे विश्वास है कि डब्ल्यूपीएसी का सभी प्रतिभागियों और दर्शकों पर समान प्रभाव पड़ेगा।

रंगारंग उद्घाटन समारोह में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, संसद सदस्य सुश्री कंगना रनौत, दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद और विश्व पैरा एथलेटिक्स के प्रमुख श्री पॉल फिट्जगेराल्ड मौजूद रहे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002WO0O.jpg

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में नवनिर्मित मोंडो ट्रैक पर डब्ल्यूपीएसी पहला आयोजन होगा। नीले रंग के इस ट्रैक का उपयोग पेरिस पैरालंपिक 2024 में किया गया था। 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर डॉ. मंडाविया ने इसका उद्घाटन किया था। गुरुवार को स्टेडियम परिसर में डॉ. मंडाविया ने मोंडो वार्म-अप ट्रैक और एक मल्टी-स्पेशलिटी जिम्नेजियम का भी उद्घाटन किया। यहां 200 से अधिक एथलीट एक साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image00306O2.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0046HAP.jpg

डब्ल्यूपीएसी के उद्घाटन पर डॉ. मंडाविया ने कहा कि भारत के लिए यह विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप गौरव, प्रगति और उद्देश्य से जुड़ी है। हमने 74 एथलीटों के अपने अब तक के सबसे बड़े पैरा दल को इकट्ठा किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि देश में पैरा-स्पोर्ट्स ने कितनी गहराई से जड़ें जमा ली हैं। सुमित अंतिल, प्रीति पाल, दीप्ति जीवनजी, धरमबीर नैन और प्रवीण कुमार जैसे चैंपियन घरेलू मैदान पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0055H5S.jpg

डब्ल्यूपीएसी प्रतियोगिताएं 27 सितंबर से शुरू होंगी। 186 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। विश्व पैरा एथलेटिक्स के प्रमुख श्री पॉल फिट्जगेराल्ड ने कहा कि स्टेडियम के अंदर दुनिया भर के दर्शक अपने कौशल, गति और ताकत को अधिकतम करने के लिए डिजाइन की गई नवनिर्मित सुविधाओं में प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीटों की प्रतिभा का अनुभव करेंगे। विश्व रिकॉर्ड टूटेंगे। विश्व चैंपियन का ताज पहनाया जाएगा। हर एथलीट राष्ट्रगान बजाते हुए पोडियम पर होने का अपना सपना पूरा नहीं कर पाएगा। कई जीतें होंगी, लेकिन कई निराशाएं भी होंगी। मैं सभी को एथलीटों के साथ इन सभी भावनाओं का अनुभव करने के लिए आमंत्रित करता हूं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image006JI95.jpg

डब्ल्यूपीएसी की मेजबानी भारत की वैश्विक आयोजनों की नियमित मेजबानी करने और बड़ी बहु-खेल चैंपियनशिप आयोजित करने की अपनी क्षमताओं का परीक्षण करने की योजना का हिस्सा है। डॉ. मंडाविया ने कहा कि हम 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की योजना बनाने में जुटे हैं और हमारी नजरें 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी पर टिकी हैं, जिससे बुनियादी ढांचे, अवसर और अनगिनत युवाओं के खेल के सपनों को गति मिलेगी। जैसा प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल न केवल चैंपियन बनाता है, बल्कि यह शांति, प्रगति और कल्याण को भी बढ़ावा देता है। यही हमारी खेल यात्रा का मार्गदर्शक है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image007VM81.jpg

डॉ. मंडाविया ने यह भी बताया कि डब्ल्यूपीएसी किस प्रकार क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा। डॉ. मंडाविया ने कहा कि बुनियादी ढांचे या महत्वाकांक्षा से परे एक गहरी विरासत छिपी है। एक बदली हुई मानसिकता। हम अपने पीछे सुलभ स्थल, पैरा-एथलीटों के लिए मजबूत समर्थन प्रणालियां और खेलों में समान अवसर के बारे में एक नए सिरे से राष्ट्रीय संवाद छोड़ जाएंगे। ये सच्चे परिणाम हैं जो पदक मिलने के बाद भी लंबे समय तक बने रहेंगे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0086PHG.jpg

भारत के शीर्ष एथलीट, जिनमें से कई पैरालंपिक पदक विजेता और अपनी श्रेणियों में विश्व चैंपियन हैं, वे नेहरू स्टेडियम में घरेलू परिस्थितियों का आनंद लेंगे। जापान के कोबे में भारत ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 17 पदक जीते, जिसमें छह स्वर्ण, पांच रजत, छह कांस्य थे। भारत ने छठा स्थान हासिल किया था। पेरिस में 2023 में भारत ने पहले ही 10 पदक (3 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य) जीतकर अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जिससे आगे की राह तैयार हो गई।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image009SF2I.jpg

प्रधानमंत्री मोदी ने पैरा खेलों में भारत के बढ़ते प्रभुत्व की सराहना की। पैरा एथलीटों के उल्लेखनीय प्रदर्शन ने आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प के अर्थ को फिर से परिभाषित किया है, जिससे दुनिया भर के खिलाड़ियों और आम लोगों को प्रेरणा मिली है। उनकी उपलब्धियों ने एक सामूहिक विश्वास को प्रज्ज्वलित किया है कि कोई भी चुनौती आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती है।

***

पीके/केसी/आरकेजे


(रिलीज़ आईडी: 2171538) 

Tuesday, August 5, 2025

गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार लसाले में कबड्डी कप का आयोजन

From MPSK on Tuesday 5th August 2025 at 18:07 Regarding Sports 

आयोजन किया कबड्डी क्लब और शान-ए-पंजाब एसोसिएशन ने 


नई दिल्ली
: 5 अगस्त 2025: (मनप्रीत सिंह खालसा//खेल स्क्रीन)::

यंग कबड्डी क्लब और शान-ए-पंजाब एसोसिएशन मॉन्ट्रियल द्वारा रविवार को कनाडा के मॉन्ट्रियल स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार लसाले के मैदान में कबड्डी कप का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में नामी-गिरामी खिलाड़ियों ने भाग लेकर इसे यादगार बना दिया। हज़ारों दर्शकों ने इस टूर्नामेंट में शिरकत की। 

टूर्नामेंट की शुरुआत गुरु साहिब की अरदास (प्रार्थना) से हुई, जिसके बाद खालसा राष्ट्रगान और कनाडा का राष्ट्रगान गाया गया। गुरुद्वारा साहिब के सचिव सरदार जसविंदर सिंह ने कहा कि यह टूर्नामेंट शहीदों को समर्पित था और टूर्नामेंट समिति ने इसे बेहद सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया था, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की और आयोजकों का उत्साहवर्धन किया। 

इस कप की विजेता टीम यूनाइटेड क्लब ब्रॉम्प्टन रही और दूसरे स्थान पर ओंटारियो क्लब रहा। विजेता टीम को पहला पुरस्कार निशान ट्रांसपोर्ट के मालिक राजविंदर सिंह और ओटीटी के मालिक परमिंदर सिंह पगली ने दिया और दूसरे स्थान पर रही टीम को काहिरा ट्रांसपोर्ट और जेबीएम ट्रांसपोर्ट के बलराज सिंह ढिल्लों और जतिंदर सिंह मुल्तानी ने पुरस्कार दिया। संदीप ललिया और माने ललिया को कबड्डी का खेल अच्छा खेलने के लिए नरिंदर सिंह मिन्हास ने स्वर्ण पदक दिए और सुखमिंदर सिंह हंसरा द्वारा सिख समुदाय के लिए किए गए कार्यों को मान्यता देते हुए उनके बेटों हरप्रीत सिंह हंसरा और जस्सी हंसरा को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। 

इस टूर्नामेंट में ज्ञानी हरिंदर सिंह अलवर को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट में, मिसल मॉन्ट्रियल के बच्चों ने अपने गतका कौशल दिखाए जो आकर्षण का केंद्र रहे। टूर्नामेंट समिति और गुरु घर समिति ने बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया और सुरजीत सिंह भाऊ ने बच्चों को वैंकूवर गतका कप जीतने पर बधाई दी। 

शान-ए-पंजाब के अध्यक्ष नरिंदर सिंह मिन्हास, कबड्डी प्रमोटर परमिंदर सिंह पगली, बलराज सिंह ढिल्लों, जतिंदर सिंह मुल्तानी, गरदीप जंदू, राजवीर सिंह मिन्हास, सरबजीत सिंह मिन्हास ने सभी प्रायोजकों और विशेष रूप से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से यह टूर्नामेंट सफल रहा। अंत में, आयोजकों ने टूर्नामेंट के यादगार आयोजन के लिए गुरु साहिब का धन्यवाद किया।

Tuesday, June 3, 2025

हरचंद सिंह बरसट ने टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया

Govt. News From PMB on 3rd June 2025 at 5:19 PM Regarding Sports Activities

कहा-खेल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं

*पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने पहले अखिल भारतीय राज्य कृषि विपणन बोर्ड टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया

एस.ए.एस. नगर (मोहाली): 3 जून 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//खेल स्क्रीन डेस्क)::

खेल हमारे शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शरीर को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत बनाते हैं। खेल व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं , जिससे बीमारियों से बचाव होता है। यह विचार पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने अखिल भारतीय राज्य कृषि विपणन बोर्ड टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान व्यक्त किए ।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में आयोजित टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की । इस दौरान बरसट ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और अच्छे प्रदर्शन की कामना की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों ने कड़ी मेहनत की है , जो सराहनीय है। हार-जीत तो खेल का हिस्सा है , लेकिन असली जीत तब होती है जब हर कोई जुनून के साथ खेले और अपना सर्वश्रेष्ठ दे।

पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि खेल जहां मन को शांति प्रदान करते हैं , वहीं तनाव और चिंता को कम करते हैं और एकाग्रता बढ़ाते हैं। साथ ही टीम वर्क और अनुशासन भी विकसित करते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे खुद को और अपने बच्चों को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करें। टूर्नामेंट में पंजाब मंडी बोर्ड की टीम ने जीत के साथ शुरुआत की और उत्तराखंड मार्केटिंग बोर्ड की टीम को 10 विकेट से हराया। सरदार हरचंद सिंह बरसट ने पंजाब मंडी बोर्ड की टीम को मैच जीतने पर बधाई दी और भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मंडी बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।

Sunday, May 25, 2025

दिल्ली में फिट इंडिया संडेज की रही धूम

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//25th May 2025 at 6:42 PM by PIB Delhi

केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मीडिया बिरादरी के साथ साइकिल चलाई

पत्रकार अग्रिम पंक्ति के योद्धा, उनके लिए भी फिटनेस ज़रूरी: डॉ. मनसुख मांडविया


नई दिल्ली: 25 मई 2025:(पीआईबी-दिल्ली//खेल स्क्रीन डेस्क) ::

फिटनेस आज के दौर में पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सत्ता से जुड़े लोग भी इस तरफ विशेष ध्यान दे रहे हैं। खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को नई दिल्ली में साईकल चलाते देख कर काम से कम यही लग रहा था। विशेष बात यह कि दिल्ली का खराब मौसम भी उन 300 से अधिक फिटनेस समर्थकों की ऊर्जा को नहीं रोक सका, जिन्होंने 25 मई, 2025 को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के साथ साइकिल चलाई। श्री मांडविया रविवार को विशेष अतिथि के रूप में पत्रकारों और मीडिया बिरादरी के सदस्यों के साथ साइकिल चलाने के उत्साहपूर्ण संस्करण में शामिल हुए।

पत्रकार भी आम लोगों के साथ सक्रिय रहे। इस कार्यक्रम में दिल्ली पत्रकार संघ, दिल्ली खेल पत्रकार संघ, एथलीट और नागरिकों ने हिस्सा लिया। इसमें चार किलोमीटर की राइड शामिल थी, जिसमें मीडियाकर्मियों ने इस अनुभव को “चेतावनी” बताया।

इस अवसर पर डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे खुशी है कि आज रविवार को बारिश के बावजूद साइकिल पर यह अभियान सफल रहा। हमारे पत्रकार मित्रों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया और यह देखना वाकई उत्साहवर्धक है। पत्रकारों की दिनचर्या कभी भी शांतिपूर्ण नहीं होती- वे दिन-रात काम करते हैं। हम हर सुबह जो सुर्खियाँ पढ़ते हैं, वे रात भर उनके अथक प्रयासों का परिणाम हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखने के लिए, फिट रहना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मैंने उन्हें आमंत्रित किया- आभार व्यक्त करने के लिए और सभी को धीरे से यह याद दिलाने के लिए कि साइकिल चलाना या किसी तरह की फिटनेस अपनाना जरूरी है।"

दिल्ली वालों पर यादगारी छाप छोड़ने वाले इस ख़ास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ शामिल, ताइक्वांडो एशियाई चैंपियनशिप की पदक विजेता एथलीट सुश्री रोडाली बरुआ ने कहा, "आज यहाँ मेरा अनुभव बहुत बढ़िया रहा। फिट इंडिया मूवमेंट और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की पहल, संडे ऑन साइकिल, स्वस्थ और सक्रिय रहने का एक शानदार तरीका है। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि स्वस्थ जीवन की कुंजी नियमित फिटनेस है। फिट रहने के लिए हर किसी को हर दिन कम से कम आधे घंटे तक टहलना चाहिए - और अब मैं देख रही हूँ कि साइकिल चलाना भी उतना ही जबरदस्त अनुभव है! जंक फूड से बचें, चलते रहें और फिट रहें," जो हुईं।

मीडिया के लिए भी यह एक यादगारी मौका था। दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री राकेश थपलियाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मंत्री द्वारा आमंत्रित किया जाना एक अद्भुत अनुभव था। बारिश और हमारे देर रात तक काम करने के बावजूद, इतने सारे पत्रकार आए - यह साबित करता है कि फिटनेस आनन्ददायक हो सकती है। साइकिल चलाने जैसा सिर्फ़ एक घंटे का कार्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और चिकित्सा व्यय को कम करने में काफ़ी मददगार हो सकता है।"

इस मौके पर दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. मनसुख मांडविया के साथ रविवार को साइकिल चलाना एक वास्तविकता थी, "सिर्फ़ 3-4 किलोमीटर की साइकिलिंग ने हममें से कई लोगों की साँस फूलने पर मजबूर कर दिया! इसने हमें याद दिलाया कि फिटनेस कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर मीडिया पेशेवरों के लिए जो हमेशा व्यस्त रहते हैं। साइकिल चलाना न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छा है।"

दिल्ली की मीडिया सुर्खियों से लेकर अगरतला की शाही सड़कों तक, साइकिल चलाने के आंदोलन की गूंज पूरे भारत के विभिन्न स्थानों पर सुनाई दी, और इसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मुख्य अतिथि के रूप में त्रिपुरा के राज्यपाल के नेतृत्व में 120 से अधिक साइकिल सवारों ने उज्जयंत पैलेस से रैली निकाली। मंत्री श्री टिंकू रॉय, युवा कार्य और खेल निदेशक श्री एस.बी. नाथ और एसएआई के क्षेत्रीय निदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सामुदायिक सवारी में शामिल हुए - यह एक स्वस्थ, एकीकृत त्रिपुरा के लिए एक प्रतीकात्मक प्रयास था। साइकिल मेयर श्री गोपेश देबनाथ ने कहा, "हमें इस आंदोलन का हिस्सा बनने का सम्मान मिला," जिन्होंने अपने अगरतला साइक्लोहोलिक्स फाउंडेशन के साथ सवारी का नेतृत्व किया।

एसएआई एसटीसी बेंगलुरु में मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और सचिव श्री अरुण शर्मा और सुश्री अमिता शर्मा के साथ 70 मीडियाकर्मी साइकिल रैली में शामिल हुए। साइकिल रैली में पहियों की गति और चर्चाओं के साथ इस बात पर जोर दिया गया कि एक स्वस्थ भारत की शुरुआत अच्छी जानकारी और प्रेरित मीडिया से होती है।

कोकराझार संस्करण में एसएआई एसटीसी से बोडोलैंड सचिवालय तक छह किलोमीटर का सुंदर मार्ग शामिल था, जिसे प्रेस क्लब कोकराझार के श्री प्रीतम ब्रह्म चौधरी और श्री सूरज बसुमतारी ने हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीमती बिबरी ब्रह्मा ने भी भाग लिया, जिससे साइक्लिंग में खेल की प्रतिष्ठा बढ़ गई।

मामूली उपस्थिति के बावजूद, एसटीसी रायपुर कार्यक्रम में 35 उत्साही प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें मीडिया एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव श्री पी.के. राव और भारतीय राष्ट्रीय पत्रिका संघ के राज्य अध्यक्ष श्री मनोहर सिंह भी शामिल थे।

दिसम्बर 2024 में शुरूआत के बाद से अब तक यह साइकिलिंग पहल 5,500 से अधिक स्थानों पर तीन लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर सुश्री सानिया मिर्जा, श्री मिलिंद सोमन, श्री इमरान हाशमी, श्री जॉन अब्राहम, श्री इम्तियाज अली, श्री शंकर महादेवन और श्री दारा सिंह सहित कई प्रतिष्ठित लोगों के समर्थन की चर्चा हो रही है, जो रोजमर्रा की फिटनेस के लिए प्रेरित करने के लिए अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

नीति निर्माताओं, एथलीटों और नागरिक समाज से बढ़ते समर्थन के साथ, रविवार को साइकिल चलाना लोगों के दिलों और सुर्खियों में बना हुआ है - शहरों को साइकिलिंग कॉरिडोर और नागरिकों को स्वास्थ्य राजदूतों में बदल रहा है। बारिश हो या धूप, ऐसे आयोजनों से पता चलता है कि फिटनेस किसी मौसम का इंतजार नहीं करती है।

*****//एमजी/केसी/केपी//(रिलीज़ आईडी: 2131201)