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Sunday, May 25, 2025

दिल्ली में फिट इंडिया संडेज की रही धूम

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//25th May 2025 at 6:42 PM by PIB Delhi

केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मीडिया बिरादरी के साथ साइकिल चलाई

पत्रकार अग्रिम पंक्ति के योद्धा, उनके लिए भी फिटनेस ज़रूरी: डॉ. मनसुख मांडविया


नई दिल्ली: 25 मई 2025:(पीआईबी-दिल्ली//खेल स्क्रीन डेस्क) ::

फिटनेस आज के दौर में पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सत्ता से जुड़े लोग भी इस तरफ विशेष ध्यान दे रहे हैं। खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को नई दिल्ली में साईकल चलाते देख कर काम से कम यही लग रहा था। विशेष बात यह कि दिल्ली का खराब मौसम भी उन 300 से अधिक फिटनेस समर्थकों की ऊर्जा को नहीं रोक सका, जिन्होंने 25 मई, 2025 को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के साथ साइकिल चलाई। श्री मांडविया रविवार को विशेष अतिथि के रूप में पत्रकारों और मीडिया बिरादरी के सदस्यों के साथ साइकिल चलाने के उत्साहपूर्ण संस्करण में शामिल हुए।

पत्रकार भी आम लोगों के साथ सक्रिय रहे। इस कार्यक्रम में दिल्ली पत्रकार संघ, दिल्ली खेल पत्रकार संघ, एथलीट और नागरिकों ने हिस्सा लिया। इसमें चार किलोमीटर की राइड शामिल थी, जिसमें मीडियाकर्मियों ने इस अनुभव को “चेतावनी” बताया।

इस अवसर पर डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे खुशी है कि आज रविवार को बारिश के बावजूद साइकिल पर यह अभियान सफल रहा। हमारे पत्रकार मित्रों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया और यह देखना वाकई उत्साहवर्धक है। पत्रकारों की दिनचर्या कभी भी शांतिपूर्ण नहीं होती- वे दिन-रात काम करते हैं। हम हर सुबह जो सुर्खियाँ पढ़ते हैं, वे रात भर उनके अथक प्रयासों का परिणाम हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखने के लिए, फिट रहना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मैंने उन्हें आमंत्रित किया- आभार व्यक्त करने के लिए और सभी को धीरे से यह याद दिलाने के लिए कि साइकिल चलाना या किसी तरह की फिटनेस अपनाना जरूरी है।"

दिल्ली वालों पर यादगारी छाप छोड़ने वाले इस ख़ास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ शामिल, ताइक्वांडो एशियाई चैंपियनशिप की पदक विजेता एथलीट सुश्री रोडाली बरुआ ने कहा, "आज यहाँ मेरा अनुभव बहुत बढ़िया रहा। फिट इंडिया मूवमेंट और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की पहल, संडे ऑन साइकिल, स्वस्थ और सक्रिय रहने का एक शानदार तरीका है। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि स्वस्थ जीवन की कुंजी नियमित फिटनेस है। फिट रहने के लिए हर किसी को हर दिन कम से कम आधे घंटे तक टहलना चाहिए - और अब मैं देख रही हूँ कि साइकिल चलाना भी उतना ही जबरदस्त अनुभव है! जंक फूड से बचें, चलते रहें और फिट रहें," जो हुईं।

मीडिया के लिए भी यह एक यादगारी मौका था। दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री राकेश थपलियाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मंत्री द्वारा आमंत्रित किया जाना एक अद्भुत अनुभव था। बारिश और हमारे देर रात तक काम करने के बावजूद, इतने सारे पत्रकार आए - यह साबित करता है कि फिटनेस आनन्ददायक हो सकती है। साइकिल चलाने जैसा सिर्फ़ एक घंटे का कार्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और चिकित्सा व्यय को कम करने में काफ़ी मददगार हो सकता है।"

इस मौके पर दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. मनसुख मांडविया के साथ रविवार को साइकिल चलाना एक वास्तविकता थी, "सिर्फ़ 3-4 किलोमीटर की साइकिलिंग ने हममें से कई लोगों की साँस फूलने पर मजबूर कर दिया! इसने हमें याद दिलाया कि फिटनेस कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर मीडिया पेशेवरों के लिए जो हमेशा व्यस्त रहते हैं। साइकिल चलाना न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छा है।"

दिल्ली की मीडिया सुर्खियों से लेकर अगरतला की शाही सड़कों तक, साइकिल चलाने के आंदोलन की गूंज पूरे भारत के विभिन्न स्थानों पर सुनाई दी, और इसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मुख्य अतिथि के रूप में त्रिपुरा के राज्यपाल के नेतृत्व में 120 से अधिक साइकिल सवारों ने उज्जयंत पैलेस से रैली निकाली। मंत्री श्री टिंकू रॉय, युवा कार्य और खेल निदेशक श्री एस.बी. नाथ और एसएआई के क्षेत्रीय निदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सामुदायिक सवारी में शामिल हुए - यह एक स्वस्थ, एकीकृत त्रिपुरा के लिए एक प्रतीकात्मक प्रयास था। साइकिल मेयर श्री गोपेश देबनाथ ने कहा, "हमें इस आंदोलन का हिस्सा बनने का सम्मान मिला," जिन्होंने अपने अगरतला साइक्लोहोलिक्स फाउंडेशन के साथ सवारी का नेतृत्व किया।

एसएआई एसटीसी बेंगलुरु में मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और सचिव श्री अरुण शर्मा और सुश्री अमिता शर्मा के साथ 70 मीडियाकर्मी साइकिल रैली में शामिल हुए। साइकिल रैली में पहियों की गति और चर्चाओं के साथ इस बात पर जोर दिया गया कि एक स्वस्थ भारत की शुरुआत अच्छी जानकारी और प्रेरित मीडिया से होती है।

कोकराझार संस्करण में एसएआई एसटीसी से बोडोलैंड सचिवालय तक छह किलोमीटर का सुंदर मार्ग शामिल था, जिसे प्रेस क्लब कोकराझार के श्री प्रीतम ब्रह्म चौधरी और श्री सूरज बसुमतारी ने हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीमती बिबरी ब्रह्मा ने भी भाग लिया, जिससे साइक्लिंग में खेल की प्रतिष्ठा बढ़ गई।

मामूली उपस्थिति के बावजूद, एसटीसी रायपुर कार्यक्रम में 35 उत्साही प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें मीडिया एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव श्री पी.के. राव और भारतीय राष्ट्रीय पत्रिका संघ के राज्य अध्यक्ष श्री मनोहर सिंह भी शामिल थे।

दिसम्बर 2024 में शुरूआत के बाद से अब तक यह साइकिलिंग पहल 5,500 से अधिक स्थानों पर तीन लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर सुश्री सानिया मिर्जा, श्री मिलिंद सोमन, श्री इमरान हाशमी, श्री जॉन अब्राहम, श्री इम्तियाज अली, श्री शंकर महादेवन और श्री दारा सिंह सहित कई प्रतिष्ठित लोगों के समर्थन की चर्चा हो रही है, जो रोजमर्रा की फिटनेस के लिए प्रेरित करने के लिए अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

नीति निर्माताओं, एथलीटों और नागरिक समाज से बढ़ते समर्थन के साथ, रविवार को साइकिल चलाना लोगों के दिलों और सुर्खियों में बना हुआ है - शहरों को साइकिलिंग कॉरिडोर और नागरिकों को स्वास्थ्य राजदूतों में बदल रहा है। बारिश हो या धूप, ऐसे आयोजनों से पता चलता है कि फिटनेस किसी मौसम का इंतजार नहीं करती है।

*****//एमजी/केसी/केपी//(रिलीज़ आईडी: 2131201)

Friday, December 20, 2024

युवाओं को सशक्त बनाया जाएगा

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//प्रविष्टि तिथि: 20 DEC 2024 at 8:23 PM by PIB Delhi//Azadi ka Amrit Mahotsav

खेलों को पुनर्जीवित करने का भी संकल्प

राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने प्रेस वार्ता में सरकार की पहलों पर प्रकाश डाला

नई दिल्ली: 20 दिसंबर 2024:(पीआईबी दिल्ली//खेल स्क्रीन)::

फाईल फोटो 
युवा कार्यक्रम और खेल मामलों की केंद्रीय राज्यमंत्री, श्रीमती रक्षा खडसे ने आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों पर चर्चा की। साथ ही खेल क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा भी की। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

2014 के बाद से भारत ने युवा सशक्तिकरण में अभूतपूर्व प्रगति की है। रोजगार सृजन, MSME को समर्थन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण, अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन, कौशल विकास, खेल उत्कृष्टता और फिटनेस को बढ़ावा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये पहल "सबका साथ, सबका विकास" और "आत्मनिर्भर भारत" की दृष्टि के अनुरूप हैं, जो 2047 तक एक विकसित भारत की नींव रखती हैं।

मुख्य बिंदु:

युवा विकास प्राथमिकताएं:

केंद्रीय बजट 2024-25 में कौशल विकास, इंटर्नशिप और रोजगार सृजन के लिए ₹3,442.32 करोड़ का आवंटन किया गया, जो 2013-14 के ₹1,219 करोड़ से तीन गुना अधिक है।

राष्ट्रीय युवा नीति 2014 ने 2030 तक युवाओं की पूरी क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त ढांचा प्रदान किया।

रोज़गार और कौशल विकास:

2023-24 में बेरोजगारी दर घटकर 3.2% हो गई।

PMKVY (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) और DDU-GKY (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना) जैसी पहलों ने लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया और महत्वपूर्ण रोजगार परिणाम दिए ।

जुलाई 2024 में ईपीएफओ (EPFO) ने 19.94 लाख नए सदस्यों को जोड़ते हुए रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की।

18-25 आयु वर्ग में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें जुलाई 2024 में 8.77 लाख नए सदस्य जुड़े। यह इस आयु वर्ग में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है और संगठित कार्यबल में युवाओं, विशेष रूप से पहली बार नौकरी करने वालों, के प्रवेश की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

जुलाई 2024 में 3.05 लाख नई महिला सदस्य ईपीएफओ से जुड़ीं, जो साल-दर-साल 10.94% की वृद्धि को दर्शाती है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र ने कुल 20.21% नए सदस्यों के योगदान के साथ प्रथम स्थान हासिल करा ।

आर्थिक और स्टार्टअप विकास:

भारत अब 1.4 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 117 यूनिकॉर्न के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है।

PMMY (प्रधानमंत्री मुद्रा योजना) और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं ने महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के उद्यमियों को सशक्त किया ।

खेल और फिटनेस:

2024 के एशियाई खेलों में 107 पदकों के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन।

खेलो इंडिया और TOPS कार्यक्रमों में बढ़े हुए निवेश ने ओलंपिक (6 पदक) और पैरालंपिक (29 पदक)  सफलता में योगदान दिया।

खेलो इंडिया बजट 596 करोड़ से बढ़ाकर 900 करोड़ किया गया ।

महिला सशक्तिकरण:

नारी शक्ति अधिनियम और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पहलों ने लैंगिक समानता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत किया ।

भारत की युवा-केंद्रित नीतियां और पहल एक मजबूत और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करती हैं, जिससे हर युवा भारतीय राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सके।

***//HP//(रिलीज़ आईडी: 2086643)

Friday, September 11, 2020

उपराष्ट्रपति ने देश में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया

11-सितम्बर-2020 13:59 IST
छात्रों को कक्षाओं के बाद  शेष आधा वक़्त मैदान में बिताना चाहिए 
फिट रहने के कई तरीके सदियों से लोकप्रिय हैं-YAS Ministry फोटो 

*असाधारण खिलाड़ी उत्कृष्ट नेता भी बन सकते हैं: उपराष्ट्रपति 
*युवा खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए प्रभावी प्रतिभा निगरानी प्रणाली का आह्वान
*देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की आवश्यकता है 
*अधिक कुशल भारतीय कोचों के बड़े पूल का निर्माण करने पर भी ज़ोर दिया
*खेल प्रबंधन में पाठ्यक्रम की पेशकश करने के लिए अधिक शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह 
*देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है
*हमें मजबूत सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है
*पंजाब विश्वविद्यालय को वर्ष 2020 के लिए मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को तनाव मुक्त जीवन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेल, योग या फिर किसी अन्य शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।
गांव के लोग आज भी किसी आधुनिक  मोहताज नहीं--YAS Ministry फोटो 

श्री नायडू पंजाब विश्वविद्यालय को वर्ष 2020 के लिए लगातार दूसरी बार खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर बधाई भाषण दे रहे थे। उन्होंने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को सक्रिय रूप से खेलों को और अधिक बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।
श्री नायडू ने पंजाब विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस ट्रॉफी के लिए संक्षिप्त नाम के उपयोग नहीं करने की हिदायत दी, बल्कि उन्हें हमेशा इसे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी के रूप में उल्लेख करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना आधा समय कक्षाओं में और शेष आधा वक़्त मैदान में बिताना चाहिए। श्री नायडू ने कहा कि मैदान से उनका तात्पर्य खेल मैदान, कृषि क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र से है।
यह देखते हुए कि खेलों में उत्कृष्टता अथक परिश्रम, योजना और दृढ़ संकल्प से आएगी, उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक प्रतिभा के साथ-साथ खेल उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षकों, प्रबंधन, कर्मचारियों और छात्रों की काफी सराहना की।
देश में, खासकर युवाओं में जीवनशैली से सम्बंधित बीमारियों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे युवाओं को अस्वास्थ्यकर आहार और आरामतलब जीवनशैली के खतरों से अवगत कराना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "फिट इंडिया अभियान" की सराहना की और कहा कि यह निश्चित रूप से लोगों को फिट और स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
ग्रामीण स्कूलों के बच्चे भी भी इसी तरह बढ़े होते हैं--YAS Ministry फोटो 
श्री नायडू ने कहा कि खेल और खेल संबंधी अन्य गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और ये हमारी शारीरिक फिटनेस में सुधार करती हैं। उन्होंने कहा कि खेल हमारी संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार करता है और समूहिक खेल हमारे सामाजिक कौशल को बढ़ाते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल एकरूपता का दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन बिना किसी कटुता, कुंठित इच्छा या कुत्सित भावना के असफलताओं और बाधाओं को स्वीकार करने के लिए आवश्यक है।
श्री नायडू ने कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही उन्होंने इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक प्रभावी और व्यापक प्रतिभा निगरानी और स्काउटिंग प्रणाली की व्यवस्था का आह्वान किया।
देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, श्री नायडू ने देश में ही प्रशिक्षित उच्च कुशल भारतीय कोचों का पूल बनाने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोच काफी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से खेल प्रबंधन में अधिक संख्या में डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन अधिक बेहतर करने के लिए कुशल खेल चिकित्सा विशेषज्ञों और पेशेवरों का एक संगठन बनाना चाहिए।
श्री नायडू ने उन क्षेत्रों में अधिक संसाधनों के निवेश के महत्व को रेखांकित किया जिनमें भारत को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय गौरव के रूप में करार देते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिश्रम के साथ, भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में कई और पुरस्कार जीतकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसके लिए हमें मजबूत समर्थन प्रणाली की जरूरत है।
इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज कुमार और खेल निदेशक, कोच तथा पुरस्कार विजेता उपस्थित थे।
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Wednesday, August 5, 2020

प्रतिभाओं की पहचान के लिए वार्षिक खेलो इंडिया की मेजबानी करें

प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2020 8:34PM by PIB Delhi
 खेल मंत्री का राज्यों से अनुरोध कि वे जमीनी स्तर का काम तेज़ करें 
नई दिल्ली: 4 अगस्त 2020: (PIB//खेल स्क्रीन)::
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज खेलो इंडिया योजना की पहली आम सभा की बैठक की अध्यक्षता की और राज्य के खेल विभागों और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों को संबोधित किया। बैठक के दौरान बोलते हुए उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे राज्य स्तरीय खेलो इंडिया गेम्स के वार्षिक आयोजन की मेजबानी करें ताकि बड़े पैमाने पर जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान की जा सके। बैठक में खेल सचिव श्री रवि मित्तल; भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री संदीप प्रधान और खेल मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
      श्री किरेन रिजिजू ने कहा,“खेलो इंडिया योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली वार्षिक प्रतियोगिताओं, जैसे कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स और यूनिवर्सिटी गेम्स, ने सभी राज्यों से खेल प्रतिभाओं को पहचानने में मदद की है।हालांकि, यह पर्याप्त नहीं है। हर राज्य जमीनी स्तर की प्रतिभा की पहचान करने और राज्य से खेल प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने के लिए वार्षिक खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन कर सकता है। राज्य जो पहले से ही वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं का संचालन करते हैं, वे खेलो इंडिया स्कीम के साथ जुड़ सकते हैं और केंद्र इन आयोजनों को संचालित करने में उनका समर्थन करेगा।”
      जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान के महत्व को बताते हुए खेल मंत्री ने कहा,“भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने के लिए हमें 5-10 वर्ष आयु वर्ग की प्रतिभाओं को पहचानना होगा और उन्हें भविष्य में चैंपियन बनने में मदद करनी होगी।ओलंपिक के लिए एक एथलीट को तैयार करने में कम से कम 8 साल लगते हैं, और यदि हम बाद के स्तर पर प्रतिभा की पहचान करते हैं, तो ओलंपिक पोडियम पर इसे बनाने की उनकी संभावना सीमित है। इसलिए, राज्यों को युवा प्रतिभा की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करना महत्वपूर्ण है।”
      केंद्रीय खेल मंत्री ने पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और उत्तर पूर्व भारत के लिए 5 क्षेत्रीय प्रतिभा स्काउटिंग समितियों की बात की और 24 खेल विषयों में जमीनी स्तर की प्रतिभा की पहचान करने में इन समितियों की सहायता करने में राज्यों की सक्रिय भागीदारी के लिए कहा। उन्होंने कहा,“फिर पहचानी गई प्रतिभाओं को राज्य सरकार या एसएआई केंद्रों में प्रशिक्षित किया जा सकता है। हमें प्रतिभाओं की पहचान करने में राज्य सरकारों से इनपुट की आवश्यकता है।”
      मंत्री ने राज्यों को प्राथमिकता के तौर पर खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ खेल बुनियादी ढांचे की पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा,“हम पहले ही 8 राज्यों की पहचान कर चुके हैं, जहां केआईएससीई की स्थापना की जाएगी। खेल मंत्रालय को भी 13 राज्यों से प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। केआईएससीई राज्यों के लिए देश भर के वरिष्ठ एथलीटों को चुनिंदा खेलों में प्रशिक्षण देने और उनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए एक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा है। केंद्र इसमें राज्यों को निधि देने और समर्थन करने के लिए तैयार है, और इसलिए, मैं हर राज्य से आग्रह करता हूं कि वे अवसंरचना की तत्काल पहचान करें जिसे वे केआईएससीई के लिए चिन्हित करना चाहेंगे।”
      राज्य के प्रतिनिधियों ने खेल मंत्री द्वारा चर्चा की गई योजनाओं के क्रियान्वयन पर खेल मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने में दिलचस्पी दिखाई। इनमें से कई ने पहले से मौजूद राज्य स्तरीय वार्षिक प्रतियोगिताओं और जमीनी स्तर की प्रतिभा पहचान योजनाओं का विवरण साझा किया।
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Tuesday, August 20, 2013

ई-कार्यालय प्रणाली का उद्घाटन

20-अगस्त-2013 20:25 IST
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के लिए ई-कार्यालय प्रणाली 
युवा कार्यक्रम और खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जितेन्‍द्र सिंह ने आज ई-शासन प्रणाली के अनुसार युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के लिए ई-कार्यालय प्रणाली का उद्घाटन किया। 

ई-कार्यालय प्रणाली तुरंत प्रभाव से क्रियाशील होगी। (PIB)

वि.कसोटिया /महेश राठी-5722