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Saturday, August 15, 2020

प्रत्येक नागरिक के बीच फिटनेस को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक

प्रविष्टि तिथि: 15 AUG 2020 4:17 PM by PIB Delhi
 खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने शुरू की फिट इंडिया यूथ क्लबों की पहल 
नई दिल्ली: 15 अगस्त 2020: (PIB//खेल स्क्रीन)::
प्रधानमंत्री के विज़न फिट इंडिया आंदोलन के एक हिस्से के रूप में फिट इंडिया यूथ क्लब का प्रयास देश भर में फिटनेस के महत्व के बारे में आम जागरूकता पैदा करने के लिए युवाओं की शक्ति का उपयोग करने का प्रयत्न करता है।
फिट इंडिया यूथ क्लब अनूठे तरीके से फिटनेस और संकल्प को एक साथ जोड़ता है जिसमें स्काउट्स एवं गाइड्स, एनसीसी एवं अन्य युवा संगठनों के साथ साथ नेहरू युवा केंद्र संगठन और नेशनल सर्विस स्कीम के 75 लाख वालंटियर एक जिला इकाई के तत्वाधान में देश के प्रत्येक ब्लॉक में फिट इंडिया यूथ क्लब के रूप् में पंजीकरण करने के लिए साथ आएंगे और क्लब का प्रत्येक सदस्य समुदाय के लोगों को उनकी रोजमर्रा के रूटीन में 30 से 60 मिनट तक फिटनेस गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। इसके अतिरिक्त, क्लब प्रत्येक तिमाही में एक समुदाय फिटनेस प्रोग्राम आयोजित करने के लिए स्कूलों और स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित करेगा।
इस पहल की चर्चा करते हुए, श्री रिजिजू ने कहा कि, ‘ केवल एक फिट नागरिक ही समुचित रूप से अपने देश के प्रति योगदान दे सकता है और साथी नागरिकों को आवश्यकता के क्षणों में सहायता कर सकता है। भारत 1.3 बिलियन लोगों का देश हैं और हमारे पास पहले से ही 75 लाख वोलंटियर हैं और जल्द ही यह संख्या 1 करोड़ तक पहुंच जाएगी। मुझे भरोसा है कि ये एक करोड़ वोलंटियर नियमित रूप से फिटनेस कार्यकलाप करने के लिए देश के कोन-कोने में कम से कम 30 करोड़ भारतीयों को प्रेरित कर सकते हैं। समय बीतने के साथ वोलंटियरों की संख्या और जिन्हें फिट इंडिया आंदोलन के लिए प्रेरित किया जा सकता है, उनकी संख्या भी बढ़ जाएगी और जल्द ही हम प्रत्येक भारतीय तक पहुंचने में भी सक्षम होंगे। ‘
फिट इंडिया यूथ क्लबों द्वारा आरंभ की जाने वाली प्रथम पहलों में एक फिट इंडिया फ्रीडम रन को लोकप्रिय बनाना है जो 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलता है और यह एक अनूठी अवधारणा है जो प्रतिभागियों को उनकी गति और उनके स्थान पर दौड़ने का और दौडने के अपने रास्तों की खुद योजना बनाने का अवसर देता है। यह दौड़ पहले ही देश भर में लोकप्रिय हो चुकी है और विख्यात एथलीटों से लेकर, कॉरपोरेट के नेता, सैनिक, स्कूली छात्र इसमें हिस्सा लेते हैं तथा सोशल मीडिया पर #Run4India एवं #NewIndiaFitIndia साथ स्वाधीनता दिवस दौड़ों की तस्वीर तथा वीडियो डालते हैं।
‘फिट इंडिया आंदोलन 29 अगस्त को एक वर्ष पूरे कर लेगा। उन विभिन्न समारोहों की तरह जिन्हे पिछले वर्ष आयोजित किया गया है, फिट इंडिया फ्रीडम रन ने भी देश के प्रत्येक वर्ग को आकर्षित किया है। सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, सीबीएसई स्कूलों, सीआईसीएसई स्कूलों, हमारे अपने एनएसएस, एनवाईकेएस वोलंटियर, स्काउट्ए एवं गाईड्स जैसे विभिन्न संगठन सक्रिय हिस्सा ले रहे हैं। हमलोग मूल्यांकन करेंगे कि किस ब्लॉक, जिला एवं शहर ने दौड़ में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। एक लक्ष्य निर्धारित करना और एक राष्ट्र के रूप में अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है। ‘ 
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Wednesday, August 5, 2020

प्रतिभाओं की पहचान के लिए वार्षिक खेलो इंडिया की मेजबानी करें

प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2020 8:34PM by PIB Delhi
 खेल मंत्री का राज्यों से अनुरोध कि वे जमीनी स्तर का काम तेज़ करें 
नई दिल्ली: 4 अगस्त 2020: (PIB//खेल स्क्रीन)::
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज खेलो इंडिया योजना की पहली आम सभा की बैठक की अध्यक्षता की और राज्य के खेल विभागों और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों को संबोधित किया। बैठक के दौरान बोलते हुए उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे राज्य स्तरीय खेलो इंडिया गेम्स के वार्षिक आयोजन की मेजबानी करें ताकि बड़े पैमाने पर जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान की जा सके। बैठक में खेल सचिव श्री रवि मित्तल; भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री संदीप प्रधान और खेल मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
      श्री किरेन रिजिजू ने कहा,“खेलो इंडिया योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली वार्षिक प्रतियोगिताओं, जैसे कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स और यूनिवर्सिटी गेम्स, ने सभी राज्यों से खेल प्रतिभाओं को पहचानने में मदद की है।हालांकि, यह पर्याप्त नहीं है। हर राज्य जमीनी स्तर की प्रतिभा की पहचान करने और राज्य से खेल प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने के लिए वार्षिक खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन कर सकता है। राज्य जो पहले से ही वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं का संचालन करते हैं, वे खेलो इंडिया स्कीम के साथ जुड़ सकते हैं और केंद्र इन आयोजनों को संचालित करने में उनका समर्थन करेगा।”
      जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान के महत्व को बताते हुए खेल मंत्री ने कहा,“भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने के लिए हमें 5-10 वर्ष आयु वर्ग की प्रतिभाओं को पहचानना होगा और उन्हें भविष्य में चैंपियन बनने में मदद करनी होगी।ओलंपिक के लिए एक एथलीट को तैयार करने में कम से कम 8 साल लगते हैं, और यदि हम बाद के स्तर पर प्रतिभा की पहचान करते हैं, तो ओलंपिक पोडियम पर इसे बनाने की उनकी संभावना सीमित है। इसलिए, राज्यों को युवा प्रतिभा की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करना महत्वपूर्ण है।”
      केंद्रीय खेल मंत्री ने पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और उत्तर पूर्व भारत के लिए 5 क्षेत्रीय प्रतिभा स्काउटिंग समितियों की बात की और 24 खेल विषयों में जमीनी स्तर की प्रतिभा की पहचान करने में इन समितियों की सहायता करने में राज्यों की सक्रिय भागीदारी के लिए कहा। उन्होंने कहा,“फिर पहचानी गई प्रतिभाओं को राज्य सरकार या एसएआई केंद्रों में प्रशिक्षित किया जा सकता है। हमें प्रतिभाओं की पहचान करने में राज्य सरकारों से इनपुट की आवश्यकता है।”
      मंत्री ने राज्यों को प्राथमिकता के तौर पर खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ खेल बुनियादी ढांचे की पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा,“हम पहले ही 8 राज्यों की पहचान कर चुके हैं, जहां केआईएससीई की स्थापना की जाएगी। खेल मंत्रालय को भी 13 राज्यों से प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। केआईएससीई राज्यों के लिए देश भर के वरिष्ठ एथलीटों को चुनिंदा खेलों में प्रशिक्षण देने और उनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए एक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा है। केंद्र इसमें राज्यों को निधि देने और समर्थन करने के लिए तैयार है, और इसलिए, मैं हर राज्य से आग्रह करता हूं कि वे अवसंरचना की तत्काल पहचान करें जिसे वे केआईएससीई के लिए चिन्हित करना चाहेंगे।”
      राज्य के प्रतिनिधियों ने खेल मंत्री द्वारा चर्चा की गई योजनाओं के क्रियान्वयन पर खेल मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने में दिलचस्पी दिखाई। इनमें से कई ने पहले से मौजूद राज्य स्तरीय वार्षिक प्रतियोगिताओं और जमीनी स्तर की प्रतिभा पहचान योजनाओं का विवरण साझा किया।
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