Monday, August 12, 2013

एस.ए.आई. द्वारा खेल प्रशि‍क्षण केंद्रों की स्‍थापना

12-अगस्त-2013 18:47 IST
पंजाब के जीरकपुर में भी बनेगा खेल केंद्र 
युवा कार्यक्रम और खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जि‍तेंद्र सिंह ने आज लोक सभा में एक प्रश्‍न के लि‍खि‍त उत्‍तर में बताया कि‍ अलवर में एक खेल प्रशि‍क्षण केंद्र की स्‍थापना के एक प्रस्‍ताव का सैद्धांति‍क अनुमोदन कर दि‍या गया है। इसके अति‍रि‍कत, भारतीय खेल प्राधि‍करण की शासी नि‍काय की 40वीं बैठक में अभि‍कल्‍प, नि‍र्माण, संचालन और अंतरण (डीबीओटी) मोड के अंतर्गत नि‍म्‍नलि‍खि‍त क्षेत्रों में नए प्रशि‍क्षण केंद्र स्‍थापि‍त करने का अनुमोदन कि‍या गया है:- 

(1) जि‍रकपुर (पंजाब) 

(2) महम (हरि‍याणा) 

(3) छिंदवाड़ा (मध्‍य प्रदेश) 

(4) मणि‍पुर 

(5) अरूणाचल प्रदेश 

(6) जबलपुर (मध्‍य प्रदेश) 

(7) नया रायपुर (छत्‍तीसगढ़) 

इस समय भारतीय खेल प्रधि‍करण देश में खेलों के संवर्द्धन और वि‍कास के लि‍ए नि‍म्‍नलि‍खि‍त स्‍कीमें कार्यान्‍वि‍त कर रहा है:- 

(1) राष्‍ट्रीय खेल प्रति‍भा प्रति‍योगता स्‍कीम (एनएसटीसी) 

(2) सेना बाल खेल कंपनी स्‍कीम (एबीएससी) 

(3) साई प्रशि‍क्षण केंद्र स्‍कीम (एसटीसी) 

(4) वि‍शेष क्षेत्र खेल स्‍कीम (एसएजी) 

(5) उत्‍कृष्‍टता केंद्र स्‍कीम (सीओई) 

इस समय साई के नि‍म्‍नलि‍खि‍त तीन केंद्र कि‍राए के भवन में कार्य कर रहे हैं:- 

(1) एसएजी केंद्र, आइजवाल, मि‍जोरम 

(2) एसएजी केंद्र, उत्‍लोव, मणि‍पुर 

(3) एसएजी केंद्र (लड़कि‍यों के लि‍ए), एलेप्‍पी 

एसएजी केंद्र, आइजवाल के लि‍ए 100 बि‍स्‍तर वाला साई हास्‍टल भवन नि‍र्माणाधीन है और इसी प्रकार एसएजी केंद्र, उत्‍लोव के लि‍ए 100 बि‍स्‍तर वाला साई हास्‍टल भवन और बहुउद्देश्‍यीय हाल नि‍र्माणाधीन है। 

जहां तक लड़कि‍यों के हास्‍टल एसएजी केंद्र, एलेप्‍पी का संबंध है, सरकार से लड़कि‍यों के हास्‍टल के नि‍र्माण के लि‍ए उपयुक्‍त भूमि‍ उपलब्‍ध कराने के लि‍ए अनुरोध कि‍या गया है। 

वि‍.कासोटि‍या/सुधीर/सुजीत- 5553

राज्‍यपाल ने किया केरल नौका दौड़ का उद्घाटन

11-अगस्त-2013 17:54 IST
केंद्र भी देगा राज्य के बराबर 17.50 लाख रूपये की सहायता 
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने केरल में अलेप्‍पी और आस-पास के क्षेत्रों के पश्‍चजल में हर वर्ष होने वाली नौका दौड़ के लिए सहायता देने का फैसला किया है। केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्री श्री के. चिरंजीवी ने अलपुझा में 61वीं नौका दौड़ के शुभारंभ के अवसर पर घोषणा की कि केरल सरकार 17.50 लाख रुपये का योगदान करेगी जबकि इतनी ही राशि केन्‍द्र सरकार द्वारा भी दी जायेगी। 
नौका दौड़ का उद्घाटन केरल के राज्‍यपाल निखिल कुमार ने किया जबकि केरल के लोक निर्माण मंत्री श्री वी. के. इब्राहिम कुंजू ने झंडा फहराया। केन्‍द्रीय श्रम और रोजगार मंत्री श्री कोडिकुन्निल सुरेश और राज्‍य के कई अन्‍य प्रमुख नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 
श्री चिरंजीवी ने इस अवसर पर एक विशाल अलेप्‍पी बैकवाटर विकास परियोजना की घोषणा की, जिसके लिए पर्यटन मंत्रालय 47;62 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगा। श्री चिरंजीवी ने कहा कि केरल के पश्‍च जल और नौका दौड़ के वार्षिक आयोजन में पर्यटन के विकास की व्‍यापक संभावनाएं है। इस लिए पर्यटन मंत्रालय मंत्रालय केरल के पश्‍चजल क्षेत्रों को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर का पर्यटन स्‍थल बनाने के लिए हर संभव उपाय करेगा। (पीआईबी)
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Sunday, August 11, 2013

केंद्रीय खेल मंत्री ने दी पी.वी. सिंधू को बधाई

11-अगस्त-2013 17:58 IST
महिला सिंगल्स में कांस्य पदक जीत कर देश का गौरव बढ़ाया
                                                                                                                  तस्वीर फेसबुक से साभार 
युवा मामले और खेल मंत्री श्री जितेन्द्र सिंह ने विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2013 में सफलता पर पी.वी. सिंधू को निम्नांकित बधाई संदेश भेजा है:- 

‘‘ग्वांगझाउ, चीन में हुई विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप-2013 में विशिष्ट सफलता के लिए आपको बधाई। आपने महिला सिंगल्स प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीत कर देश का गौरव बढ़ाया है।’’ 

युवा मामले और खेल मंत्रालय भविष्य में भारत का सम्मान बढ़ाने के आपके प्रयासों में सहायता करने के प्रति वचनबद्ध है। (पीआईबी)
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वि. कासोटिया/देवेश/संगीता/राजीव/बेसरा-5431

Monday, August 5, 2013

बेलाफास्‍ट के वि‍श्‍व पुलि‍स खेल

05-अगस्त-2013 20:57 IST
तीसरे दि‍न भारतीय तैराकी और एथलीट हावी रहे 
बेलाफास्‍ट में आयोजित 15वें वि‍श्‍व पुलि‍स एवं फायर खेल 2013 के तीसरे दि‍न आज भारतीय पुलि‍स टीम का झंडा ऊँचा रहा। 4 सदस्‍यीय तैराकी टीम ने 2 स्‍वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्‍य पदक जीते  जबकि‍ एथलीटस् टीम ने 5 स्‍वर्ग, 1 रजत और 1 कांस्‍य पदक जीता। परि‍णाम का पूर्ण वि‍वरण इस प्रकार से है:-
1.  महि‍लाओं के लि‍ए 400 मीटर की दौड़ में भारतीय टीम ने सभी 3 पदक झटके
1-अंशु थॉमस – स्‍वर्ण
2-चिंचू जोस – रजत
      3-मनप्रीत कौर- कांस्‍य
   2.महि‍लाओं के लि‍ए 3000 मीटर स्‍टीफ्लेच  
   3.महि‍लाओं के लि‍ए 100 मीटर वाला दौड़ सीमा सुरक्षा बल की मनप्रीत कौर- स्‍वर्ग पदक
   4.पुरूष लम्‍बी छलांग: केरल पुलि‍स के बासि‍ल जार्ज को स्‍वर्ण पदक (7.11 मीटर की छलांग लगाई)
    5. महि‍ला लम्‍बी छलांग:सशस्‍त्र सीमा बल की एम प्रि‍या वर्मा देवी- स्‍वर्ण पदक तैराकी
1. 200 मीटर फ्रीस्‍टाइल: सीमा सुरक्षा बल के मंदर आनंद दि‍वासे- स्‍वर्ण पदक
2. 50 मीटर ब्रैस्‍ट स्‍ट्रोक: केंद्रीय रि‍जर्व पुलि‍स बल के रोहि‍त कुमार –स्‍वर्ण पदक
3. 50 मीटर बैक स्‍ट्रोक: आंध्र प्रदेश के पुलि‍स के एम तुलसी चैतन्‍य ने रजत अबकि‍ पंजाब पुलि‍स के राजबीर सिंह ने कांसय पदक जीता
4. 50 मीटर फ्रीस्‍टाइल: आंध्र प्रदेश के एम तुलसी चैतन्‍य रजत पदक
5. 100 मीटर बटरफ्लाई: पंजाब पुलि‍स के राजबीर सिंह- रजत पदक    
वि.कासोटिया/जगदीश/सुजीत– 5306

जीत की ख़ुशी

कितनी खुश नजर आ रही है सर्बिया की अन्ना !
खेल में जीत हार तो चलती रहती है पर न तो जीत की ख़ुशी छुपाने से छुपती है और न ही हार की मायूसी। हो भी क्यूँ न… आखिर सब कुछ दांव पर लगा होता है---बरसों की मेहनत---जीवन बहर के सपने---खेल का कैरियर----- बस जीत या हार के एक एलान से सब बदल जाता है----! अब देखते हैं कि फ़ाईनल में किस्मत किसका साथ देती है ?

टेनिस में बेलारूस की विक्टोरिया को हराने के बाद सर्बिया की अन्ना कितनी खुश नजर आ रही है! यह सेमिफयिन्ल प्रतियोगिता कैलिफोर्निया में आयोजित हुयी और हम यह तस्वीर यहाँ पंजाब केसरी से साभार प्रकाशित कर रहे हैं। यदि आपके पास भी कोई ऐसी ही तस्वीर या खबर हो तो अवश्य भेजें। हम उसे आपके नाम के साथ सहर्ष प्रकाशित करेंगे।

आप अपने क्षेत्र में होने वाले खेल आयोजनों की सूचनाएं/घोषणाएं, खिल्दियों से भेंट वार्ताएं /
मुलाकातें  भी भेज सकते हैं जिन्हें निशुल्क प्रकाशित किया जायेगा।

Monday, April 22, 2013

जिंदगी में संतुलन का खेल सिखाते हैं बंटी बाबा

उहदा रब्ब नहीं रुस्दा लख्ख वेरी---जिह्नुं यार मनाउन दा चज्ज होवे---
दो बरस पहले न्यू अग्रवाल पीरखाना दरबार में बायीं तरफ की दीवार पर दो पंक्तियाँ लिखीं होतीं थीं---
भला एथे फकीरां नू फ़िक्र काहदा--
फक्का मार के फिकरां नू  खा जांदे 
अब दो बरस बाद वहां आई संगत को देख कर यही लगता था कि सचमुच इन सभी लोगों के गम, दर्द, दुःख, चिंता, फ़िक्र जैसे किसी ने पल भर में उड़ा दिए हों--मैंने कुछ लोगों को जानबूझ कर कुरेदा क्या सचमुच तुम्हे कोई गम नहीं---कोई चिंता नहीं----सभी मुस्कराते हुए कहते----
भला एथे फकीरां नू फ़िक्र काहदा--
फक्का मार के फिकरां नू  खा जांदे----
मुझे लगता यह सब लोग किसी खुमारी में हैं---किसी नशे में हैं----इसी लिए काम धंधा और घरबार छोड़ कर यहाँ घूम रहे हैं---पर यहाँ कोई नशा नहीं था---सब लोग एक खेल खेलने आये थे---जिंदगी का खेल---मुश्किलों से हंसते हंसते दो दो हाथ करने का खेल----अगर बाहर बने खुले मैदान में बच्चा लोग झूला झूल रहे थे---कभी ऊपर कभी नीचे---तो--बड़े लोगों में भी यही खेल चल रहा था---लेकिन मन के अंदर---दिल के अंदर---दिमाग के अंदर----ख्यालों की दुनिया में----कभी ख़ुशी कभी गम---कभी सफलता की ऊँचाई---और बन्दा आसमान पर----कभी निराशा का अँधेरा और बन्दा गम और दुःख के पाताल में---इस सारे खेल को बड़ी कुशलता से देख रहे----यहाँ इस दरबार के प्रमुख सेवादार बंटी बाबा कभी किसी को बुला लेते और कभी किसी को---कहते क्या सोच रहा है----किस चिंता में है….? सब ठीक हो जायेगा---और उस भक्त को जैसे एक नया हौंसला मिल जाता---एक नई  हिम्मत---और भक्ति रस में डूब कर वह फिर तारो ताज़ा हो जाता----किस्सी के मन में कुछ आशंका होती या फिर उसे लगता की इतना बड़ा दुःख पल भर सचमुच दूर हो जायेगा---? इधर भक्त के मन में यह सवाल आता उधर बंटी बाबा बोल उठते---जा उधर पीर बाबा से जो मांगना है मांग ले----यहाँ तेज़ तरार लोग भी आते…मन में शैतानी छुपी होती---चेहरे पे भोलापन लिए होते---सजदा करते----नाक रगड़ते---फिर धीरे से कहते बंटी बाबा हमारा काम क्यूं बिगड़ा हुआ है---कुछ करो न----झुके हुए श्रद्धालू को देखते ही बाबा पल भर के लिए आँख बंद  करते और कहते--शराब पीना छोड़ दे----पर नारी की तरफ देखना छोड़ दे--सब ठीक हो जायेगा----जो भक्त कहता बाबा लो आज से सचमुच सब  बुरे काम छोड़े----बाबा उनकी पीठ भी थपथपाते …शाबाशी भी देते---लेकिन साथ ही कहते---वादा मेरे सामने नहीं---वहां ---उधर पीरों की तरफ मूंह करके करो--साथ ही चेतावनी भी देते---अगर वादा टूटा तो तुझे पीर बाबा ही देखेंगे----मानो बाबा एक झूले पे बिठा देते…जिंदगी के संतुलन का एक झूला--जिसपे हम सभी सवार हैं--लेकिन फिर भी उसे देख नहीं पाते----थोड़ी सी ख़ुशी मिली तो भी सब भूल जाते हैं---थोडा सा गम मिला तो भी दर्द से कराहने लगते हैं---बस यहाँ आने वाले को बंटी बाबा सुख दुःख--दोनों में मज़ा लेने का गुर सिख देते---और अगर कोई वादा टूटता तो वादा तोड़ने वाला किसी न किसी बहाने झूले से नीचे आ गिरता---संतुलन से बाहर आ गिरता---फिर सुख भी मज़ा न देता---और दुःख भी असहनीय हो जाता---भगवान से तार टूट जाती---जिंदगी का संतुलन बिगड़ जाता--और फिर दर्द ही दर्द---जख्म ही जख्म---बंटी बाबा वादा तोड़ कर गिरने वाले को भी आ कर उठाते----उसके घाव सहलाते---गले से लगाते----और प्यार से डांटते---तुझे कहा था न वादा मत तोड़ना--जा अब पीर बाबा को मना---रो मत---चिंता न कर---फिर से सब ठीक हो जायेगा---और पीर बाबा को मनाने के स्वर गूँज उठते----हमसर हयात निजामी जैसे जाने माने गायक यहाँ इस दरबार में आ कर गाते----काअबे वाली गली विच्च यार दा मकान ए-------और बंटी बाबा जिंदगी में संतुलन लाने का गुर बता देते कि कैसे काअबे का सम्मान भी रखना है----और बिना अपने अल्ला को नाराज़ किये यार को भी नाराज़ नहीं होने देना---बाबा बताते हैं-----यार का घर कहीं भी हो----पर यह याद रखना जरूरी है कि--
उहदा रब्ब नहीं रुस्दा लख्ख वेरी---जिह्नुं यार मनाउन दा चज्ज होवे--- --आर के तारेश

Wednesday, April 17, 2013

मुक्‍केबाज विजेन्‍द्र सिंह आशंकाओं के बादलों से दूर हुए

16-अप्रैल-2013 18:27 IST
प्रतिब‍न्धित दवाओं के सेवन के आरोप से मुक्‍त
ओलम्‍पिक पद्क विजेता मुक्‍केबाज विजेन्‍द्र सिंह और चार अन्‍य प्रतिब‍न्धित दवाओं के सेवन के आरोप से मुक्‍त हो गए हैं। उनके केवल रक्‍त और मूत्र का परीक्षण किया गया था। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने सहर्ष यह घो‍षणा करते हुए कहा है कि परीक्षणों से स्‍पष्‍ट हो गया है कि इनमें से किसी भी मुक्‍केबाज ने हाल ही में प्रतिबन्धित दवाओं का सेवन नहीं किया था। 
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वि.कासोटिया/नरेश/संजना-1876