Wednesday, December 8, 2021

हिमाचल:इस बार सिर्फ चैस, कैरम-बोर्ड और टेबल-टेनिस की प्रतियोगिताएं

8th December 2021 at 9:13 AM

 कोविड-19 की महामारी के कारण लिया यह फैसला  


शिमला
: 6 दिसंबर 2021: (देवभूमि स्क्रीन//खेल स्क्रीन)::

कोविड की महामारी आई तो ज़िंदगी रुक सी गई। दुनिया भर में एक सहम भरी चुप्पी सी छ गई। खेलों के आयोजन भी रुक गए। अब जब हालत कुछ ठीक हुए तो खेल प्रेमी लोग फिर मैदान में आ गए हैं। खेलों के पुराने और पारम्परिक दौड़भाग वाले रूप तो अभी भी संकोच में ही रहे लेकिन शतरंज और टेनिस इत्यादि के ज़रिए जी भर कर खेला गया। मुकाबिले भी हुए और दोस्ताना हार जीत का लुत्फ़ भी उठाया गया। 

हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पन्द्रवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही खेल-कूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ श्री देवेश कुमार,  प्रबन्ध निदेशक ने कॉर्पोरेट कार्यालय में किया । इस वर्ष  कोविड-19 की महामारी के कारण कर्मचारियों के लिए सिर्फ चैस, कैरम-बोर्ड और टेबल-टेनिस की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। लोग इनमें बढ़चढ़ कर भाग भी ले रहे हैं। चूँकि शतरंज शाही खेल की तरह रहा है इस लिए इसे खेलने वाले भी शाही अनुभूति का अहसास करते हैं। 

इस अवसर पर खिलाडियों का उत्साह बढ़ाने के लिए श्रीमती प्रियंका वर्मा निदेशक कार्मिक एवं वित्त, श्री शशिकांत जोशी निदेशक इलेक्ट्रिकल और  श्री सुरेंदर कुमार निदेशक सिविल उपस्थित थे। इससे खेल प्रेमी भी उत्साहित रहे। 

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Friday, October 15, 2021

महीने भर चलने वाले देशव्यापी स्वच्छ भारत अभियान जोशो खरोश से जारी

प्रविष्टि तिथि: 22 OCT 2021 3:58 PM by PIB Delhi

चाणक्यपुरी के नेहरू पार्क में हुआ विशेष आयोजन 


*युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव और खेल सचिव रहे बेहद सक्रिय 

*देशव्यापी स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में दिखाया विशेष उत्साह 

नई दिल्ली: 22 अक्टूबर 2021: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने 1 अक्टूबर 2021 से महीने भर चलने वाले इस स्वच्छ भारत कार्यक्रम की शुरुआत की थी

यह स्वच्छता कार्यक्रम आज़ादी का अमृत महोत्सव के एक हिस्से के रूप में चलाया जा रहा है ताकि कचरे, मुख्य रूप से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक कचरे, की सफाई में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके

युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव सुश्री उषा शर्मा और खेल विभाग की सचिव सुश्री सुजाता चतुर्वेदी ने आज सुबह स्वयंसेवकों के साथ चाणक्यपुरी के नेहरू पार्क में स्वच्छ भारत कार्यक्रम में भाग लिया। स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने से पहले श्रीमती उषा शर्मा ने स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर युवा कार्यक्रम मंत्रालय, नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए सुश्री उषा शर्मा ने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का युवा कार्यक्रम विभाग आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर 2021 से लेकर 31 अक्टूबर 2021 के दौरान एक राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) से संबद्ध युवा मंडलों और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से संबद्ध संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से देश भर के 744 जिलों के 6 लाख गांवों में आयोजित किया जा रहा है।

सुश्री उषा शर्मा ने आगे कहा कि इस व्यापक पहल के माध्यम से हमने नागरिकों के सहयोग और स्वैच्छिक भागीदारी से 75 लाख किलो कचरे, मुख्य रूप से प्लास्टिक कचरे, को एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, “समाज के हर वर्ग के लोग इस कार्यक्रम में अपना योगदान दे रहे हैं और जनभागीदारी के माध्यम से इस कार्यक्रम को एक जन आंदोलन बना रहे हैं।”

इस अवसर पर, खेल विभाग की सचिव सुश्री सुजाता चतुर्वेदी ने कहा कि हम इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों का नजरिया बदलने की कोशिश कर रहे हैं। जब लोग स्वच्छता के महत्व को समझेंगे, तभी इसकी आदत डालेंगे।

स्वच्छ भारत युवाओं के नेतृत्व में चलने वाला एक कार्यक्रम है, जोकि नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) से संबद्ध युवा क्लबों और राष्ट्रीय सेवा योजना से संबद्ध संस्थानों के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों से जुड़े समूहों के एक नेटवर्क के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। धार्मिक निकाय, शिक्षकगण, कॉर्पोरेट निकाय, टीवी एवं फिल्म अभिनेता, महिला समूह जैसे आबादी के विशिष्ट वर्ग और अन्य लोग भी स्वच्छ भारत कार्यक्रम के उद्देश्यों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाने और इसे एक जन-आंदोलन बनाने के लिए एक खास निर्धारित दिन को इसमें भाग ले रहे हैं। यह स्वच्छता कार्यक्रम ऐतिहासिक/प्रतिष्ठित स्थलों और पर्यटन स्थलों, बस स्टैंड/रेलवे स्टेशनों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा शैक्षिक संस्थानों जैसे मुख्य स्थानों पर चलाया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2014 के दौरान की गई थी और तब से, इस संबंध में उल्लेखनीय प्रगति देखी जा सकती है। स्वच्छ भारत का यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए फोकस और प्रतिबद्धता के साथ शुरू की गई पहल की निरंतरता में है। यह उम्मीद की जाती है कि युवाओं एवं अन्य नागरिकों के सामूहिक प्रयासों और सभी हितधारकों के सहयोग से भारत निस्संदेह स्वच्छता अभियान को अपनाएगा तथा अपने नागरिकों के रहन – सहन के लिए बेहतर परिस्थितियों का निर्माण करेगा। 

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एमजी / एएम / आर/ वाईबी  

Monday, September 20, 2021

खेलों को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार करने के प्रक्रिया में तेज़ी

 प्रविष्टि तिथि: 20 SEP 2021 6:13 PM by PIB Delhi

श्री अनुराग ठाकुर ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों के साथ बातचीत की

अंतरराष्ट्रीय विविध-खेल प्रतिस्पर्धाओं और ज़मीनी स्तर पर होगा सुधार

भारत में खेल अवसंरचना के लिए एकीकृत डैशबोर्ड बनाया जाएगा: श्री अनुराग ठाकुर


नई दिल्ली
: 20 सितंबर 2021: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

खेलों को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार करने के प्रक्रिया में तेज़ी आ रही है और इस मकसद के लिए खेल मंत्री अनुराग ठाकुर सक्रिय हैं। वह तेज़ी से इस तरह सारी प्रक्रिया चला रहे हैं। इसकी मुख्य बातों में बहुत सी काम की बातें शामिल हैं। निश्चय ही इससे निकट भविष्य में सुधर नज़र आने लगेगा। 

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एथलीटों के लिए नकद पुरस्कारों का एक साझा कोष बनाने पर अपना फीडबैक भेजने का अनुरोध किया। इस कोष में केंद्र और राज्य सरकार दोनों को धन जमा करने की सुविधा होनी चाहिए, ताकि सभी राज्यों के खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद समान लाभ मिल सके।


डैशबोर्ड पर प्रत्येक राज्य,
जिला और प्रखंड में खेल-अवसंरचना से जुड़े आंकड़े उपलब्ध रहेंगे।

भविष्य की खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए हमारे एथलीटों को तैयार करने के क्रम में सभी राज्य, राष्ट्रीय खेल संघों, शैक्षणिक संस्थानों, केंद्र सरकार और अन्य हितधारकों के साथ जुड़ेंगे-केंद्रीय खेल मंत्री ने यह भी कहा। 

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम के जरिये बातचीत की। टोक्यो में ओलंपिक और पैरालंपिक की बड़ी सफलता के बाद, आज की बैठक भविष्य के ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों को ध्यान में रखते हुए हमारे एथलीटों को तैयार करने के लिए रोडमैप तैयार करने और जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने में राज्यों के योगदान पर विचार करने के लिए आयोजित की गयी थी। वर्चुअल बैठक के दौरान खेल विभाग के सचिव श्री रवि मित्तल भी मौजूद थे।              


इस चर्चा के दौरान,
केन्द्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यों और केन्द्र - शासित प्रदेशों से एथलीटों के लिए नकद पुरस्कारों का एक ऐसा साझा पूल बनाने के बारे में अपनी राय भेजने के लिए कहा जहां केन्द्र और राज्य सरकारें दोनों मिलकर धन जमा कर सकें ताकि सभी राज्यों के खिलाड़ियों को पदक जीतने पर समान रूप से लाभ मिल सके। खेल, राज्य का एक विषय है और इस बातचीत का समग्र उद्देश्य राज्यों से शारीरिक रूप से सक्षम और पैरा-एथलीटों के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह करना था। स्कूल स्तर के खेलों को बढ़ावा देना और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) को सहयोग देना इस चर्चा का एक अन्य प्रमुख बिंदु था।

श्री अनुराग ठाकुर ने इस बैठक के बाद कहा कि आज की बैठक बेहद उपयोगी रही और हम प्रगति का मूल्यांकन करने और साथ मिलकर बेहतर बुनियादी ढांचे और अधिक संख्या में प्रशिक्षकों, ट्रेनरों एवं फिजियोथेरेपिस्टों का प्रबंध करने के तरीकों के बारे में चर्चा करने के लिए साल में कम से कम दो बार मिलने पर सहमत हुए हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि हम विभिन्न अंचलों (जोन) में क्षेत्रीय बैठकें करेंगे। इसके अलावा, हम एक ऐसा डैशबोर्ड बनाने पर भी विचार कर रहे हैं जहां हर राज्य, जिला और प्रखंड में उपलब्ध खेल के बुनियादी ढांचे से संबंधित डेटा उपलब्ध होगा। यह डैशबोर्ड कितने कोच उपलब्ध हैं, उन इनडोर स्टेडियमों में किस तरह के खेल खेले जाएंगे या आउटडोर खेलों आदि के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारियां देगा और ये सभी विवरण एक बटन दबाने पर उपलब्ध होंगे।

श्री ठाकुर ने यह भी कहा कि विभिन्न खेलों के लिए प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिससे देश में कम उम्र में ही प्रतिभाओं की पहचान की जा सके और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए अच्छी तरह प्रशिक्षित कर सकें। श्री ठाकुर ने कहा कि हमने राज्यों से अनुरोध किया है कि खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के अधिक से अधिक अवसर देने के लिए और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं और उन्हें राज्य स्तर, जिला स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर अधिक स्पर्धाओं में भाग लेने का मौका मिले।

श्री ठाकुर ने प्रधानमंत्री का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री सहकारी संघवाद के बारे में कहते हैं, सभी राज्य राष्ट्रीय खेल संघों, शैक्षणिक संस्थानों, केंद्र सरकार के साथ-साथ अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि हमारे खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा भविष्य में और पदक जीतने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करने में मदद मिले।

इस समय देश में 23 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में 24 केआईएससीई हैं, जबकि देश के विभिन्न जिलों में 360 केआईसी खोले गए हैं। श्री ठाकुर ने राज्यों से अनुरोध किया कि वे भारत के भावी चैंपियनों को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचा, चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान करने में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दें।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस 2019 पर शुरू किया गया फिट इंडिया मूवमेंट फिट सहित इंडिया फ्रीडम रन, फिट इंडिया मोबाइल ऐप, फिट इंडिया क्विज आदि जैसे विभिन्न अभियानों के माध्यम से फिटनेस की आदत को विकसित करने के लिहाज से एक गेम चेंजर रहा है। श्री ठाकुर ने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के खेल मंत्रियों से उपरोक्त अभियानों में भाग लेने और उन्हें बढ़ावा देने का अनुरोध किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों से देश में खेलों के अनुकूल प्रवेश को मजबूत करने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए केआईएससीई, केआईसी के साथ-साथ अकादमियां खोलने के प्रस्ताव भेजने का भी आग्रह किया।

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एमजी/एएम/जेके/आर/पीके/डीवी

Sunday, August 22, 2021

ओलंपिक पदक जीतने वाले खिलाडियों का विशेष सम्मान: विजय इंदर सिंगला

 Sunday: 22nd August 2021 at 8:06 PM

पंजाबी हॉकी खिलाडिय़ों को समर्पित किये 10 सरकारी स्कूलों के नाम

ओलंपिक खिलाडिय़ों के नाम पर स्कूलों के नाम रखे जाने से विद्यार्थियों को खेल में आगे आने के लिए मिलेगी प्रेरणा: स्कूल शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़: 22 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन//पंजाब स्क्रीन)::

पंजाब के स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तरफ से ओलंपिक पदक विजेता हॉकी खिलाडिय़ों के सम्बन्धित क्षेत्रों के स्कूलों के नाम इन खिलाडिय़ों को समर्पित किये हैं।

श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने टोक्यो ओलंपिक-2020 में काँस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के 11 पंजाबी खिलाडिय़ों के नाम पर स्कूलों के नाम रखने की मंजूरी दे दी है।

मंत्री ने कहा कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल (जी.एस.एस.एस) मि_ापुर, जालंधर का नाम भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल अब ओलंपियन मनप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल मि_ापुर के नाम के साथ जाना जायेगा।

श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल टिंमोवाल, अमृतसर का नाम उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है जो ओलंपिक में भारत के लिए सबसे अधिक छह गोल दागने वाला भारतीय खिलाड़ी है। उन्होंने कहा कि अब यह स्कूल ओलंपियन हरमनप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल, टिंमोवाल के तौर पर जाना जायेगा।

श्री सिंगला ने बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल मि_ापुर, जालंधर का नाम ओलंपियन मनदीप सिंह वरुण कुमार सरकारी प्राइमरी स्कूल मि_ापुर, जालंधर रखा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाडिय़ों ने क्रमवार स्ट्राइकर और डिफेंस खिलाड़ी के तौर पर ओलंपिक के दौरान बहुत शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल अटारी, अमृतसर अब ओलंपियन समशेर सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल अटारी के तौर पर जाना जायेगा, जिसने टूर्नामैंट के दौरान एक सफल मिडफील्डर के तौर पर बेहतरीन भूमिका निभाई।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सरकारी मिडल स्कूल, बेसिक गर्लज़ फरीदकोट को ओलंपियन रुपिन्दरपाल सिंह सरकारी मिडल स्कूल, बेसिक गर्लज़ फरीदकोट का नाम दिया गया है। रुपिन्दरपाल ने भी टोक्यो ओलंपिक्स में 4 गोल किये थे।

उन्होंने कहा कि सरकारी मिडल स्कूल खुसरोपुर, जालंधर को ओलंपियन हार्दिक सिंह सरकारी मिडल स्कूल खुसरोपुर, जालंधर का नाम दिया गया है क्योंकि हार्दिक ने नॉक आउट पड़ाव में बहुत अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल खलहिरा, अमृतसर का नाम ओलंपियन गुरजंट सिंह सरकारी प्राइमरी स्कूल खलहिरा, अमृतसर कर दिया गया है। इसी तरह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल बुताला, अमृतसर का नाम ओलंपियन दिलप्रीत सिंह सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल बुताला रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि गुरजंट और दिलप्रीत दोनों भारतीय हॉकी टीम में स्ट्राइकर के तौर पर खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल चाहल कलाँ, गुरदासपुर को ओलंपियन सिमरनजीत सिंह सरकारी हाई स्कूल चाहल कलाँ, गुरदासपुर का नाम दिया गया है। काँस्य पदक के मुकाबले में सिमरनजीत ने दो बहुत अहम गोल दागे थे।

उन्होंने बताया कि सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल हुसैनपुर, आर.सी.एफ., कपूरथला को ओलंपियन कृष्ण बी. पाठक सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल हुसैनपुर, आर.सी.एफ, कपूरथला का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि पाठक भारतीय टीम में आरक्षित गोलकीपर के तौर पर शामिल थे।

श्री सिंगला ने कहा कि भारतीय खेल के क्षेत्र में पंजाब का सुनहरी योगदान है और इसने देश में ओलंपिक के लिए दूसरी सबसे बड़ी टीम भेजी थी क्योंकि कुल 124 खिलाडिय़ों में से 20 पंजाब के थे।

श्री सिंगला जो लोक निर्माण विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं, ने बताया कि इसके अलावा सम्बन्धित पदक विजेता खिलाड़ी के निवास या गाँव या क्षेत्र को जोडऩे वाली सडक़ों का नाम भी उन खिलाडिय़ों के नाम पर रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास विद्यार्थियों और अन्य नौजवानों को उनकी मनपसंद खेल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

Wednesday, August 18, 2021

हरियाणा का लाल नीरज चोपड़ा देश का गौरव है

 मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किया नीरज का विशेष सम्मान  


चंडीगढ़
: 18 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन//हरियाणा स्क्रीन)::

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि हरियाणा का लाल नीरज चोपड़ा देश का गौरव है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने आवास पर मुलाकात के लिए पहुंचे ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा से मुलाकात के दौरान यह बात कही। इस दौरान हरियाणा के खेल राज्य मंत्री सरदार सन्दीप सिंह भी मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीरज चोपड़ा ने देश के साथ-साथ हरियाणा ही नहीं अपने गांव और परिवार का भी नाम रोशन किया है। नीरज की इस उपलब्धि में परिवार का बड़ा योगदान है। परिवार के योगदान के परिणामस्वरूप ही नीरज ने देश का गौरव बढ़ाने का काम किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने नीरज से लंबी बातचीत की और उनके अनुभवों के बारे में जाना। उनके कोच, भाला फेंक के राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड को लेकर भी चर्चा हुई। 

नीरज को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नीरज चोपड़ा का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने नीरज को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने नीरज के साथ आए उनके चाचा भीम चोपड़ा को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। 

बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा के चाचा श्री भीम चोपड़ा ने मुख्यमंत्री को अपने गांव आने का न्यौता दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही कार्यक्रम बनाता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए खेल राज्यमंत्री सरदार सन्दीप सिंह कोऑर्डिनेट कर लेंगे। 

उल्लेखनीय है कि ओलंपिक में हरियाणा के खिलाडिय़ों के महत्वपूर्ण मुकाबलों को देखने के लिए मुख्यमंत्री ने अति व्यस्तता के बावजूद समय जरूर निकाला। 

हरियाणा को खेलों का हब बनाना लक्ष्य

नीरज चोपड़ा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को खेलों का हब बनाना है। इसके लिए नीरज चोपड़ा जैसे होनहार खिलाड़ी युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का काम करेंगे ही।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अन्य खिलाडिय़ों के गांव वालों से भी मिलना हुआ है और उन्होंने भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए अच्छे सुझाव दिए हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

उन्होंने कहा कि पंचकूला में एथलेटिक्स के लिए स्थापित किये जा रहे उत्कृष्टता केंद्र खेलों के बढ़ावे के लिए कारगर साबित होगा। 

सम्मान समारोह में न पहुंच पाने का मलाल-नीरज

गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने कहा कि 13 अगस्त को हरियाणा सरकार की तरफ से आयोजित सम्मान समारोह में बीमार होने के कारण नहीं पहुंच पाया था। उक्त कार्यक्रम में शामिल न हो पाने का मलाल है। 

उन्होंने महिला हॉकी खिलाडिय़ों को विशेष तौर पर सम्मानित करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

नीरज ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रधानमन्त्री जी और मुख्यमंत्री जी से मुलाकात में केवल खेलों पर ही बात हुई। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री जी से मुलाकात के बाद बेहद अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हरियाणा का चूरमा तो सब जगह प्रसिद्ध है।   

इस दौरान खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री एके सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, एडीजीपी सीआईडी श्री आलोक मित्तल, खेल विभाग के निदेशक श्री पंकज नैन सहित खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 


Saturday, August 7, 2021

भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने दिखाया जीत का जादू

Posted On: 07 AUG 2021 6:46PM by PIB Delhi

 एथलेटिक्स में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने 


टोक्यो ओलंपिक में भारत को मिला सातवां पदक 

इससे देश को अभी तक मिले सबसे ज्यादा पदक हैं

नीरज चोपड़ा ने कमाल कर दिखाया है। उसने साबित क्र दिया है की जूनून और लग्न हो तो सब कुछ सम्भव हो सकता है। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इतिहास रचने के लिए नीरज चोपड़ा को बधाई दी। 

खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने भी नीरज की ख़ुशी और उत्साह को बढ़ाते हुए कहा, बधाई नीरज, आपका नाम इतिहास की पुस्तकों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा

टोक्यो ओलंपिक में आज 23 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही, वह स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट और अभिनव बिंद्रा के बाद भारत के दूसरे व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए। अभिनव बिंद्रा ने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या सात तक पहुंचा दी, जो 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में जीते अभी तक के सबसे ज्यादा छह पदकों से ज्यादा हैं। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर और उत्साही देशवासियों ने भारत को गौरवान्वित करने के लिए नीरज चोपड़ा को बधाई दी।

राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने नीरज चोपड़ा को बधाई दी और कहा, आपकी असाधारण उपलब्धि युवाओं की प्रेरित करेगी। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, “नीरज चोपड़ा की असाधारण जीत! भाला फेंक में आपका स्वर्ण कई बाधाओं को तोड़ता है और इतिहास रचता है। अपने पहले ओलंपिक में आप भारत के लिए अभी तक का पहला ट्रैक एंड फील्ड पदक लेकर आए हैं। आपकी असाधारण उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करेगी। भारत उत्साहित है! हार्दिक बधाइयां।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शानदार प्रदर्शन के लिए नीरज को बधाई दी और ट्वीट किया, "टोक्यो में इतिहास रचा गया है! नीरज चोपड़ा ने आज जो उपलब्धि हासिल की है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। युवा नीरज ने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। वह असाधारण उत्साह के साथ खेले और बेजोड़ धैर्य का प्रदर्शन किया। स्वर्ण जीतने के लिए उन्हें बधाई।

खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने बधाई संदेश के साथ जीत के पल देखने की अपनी एक क्लिप साझा की। खेल मंत्री ने ट्वीट किया, “नीरज चोपड़ा, भारत के गोल्डन ब्वॉय! आपका शानदार थ्रो एक अरब तारीफों का हकदार है! आपका नाम इतिहास की पुस्तकों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।#Tokyo2020”

नीरज चोपड़ा का व्यक्तिगत विवरण:

खेल: पुरुष भाला फेंक में कमल कर दिखाने वाले नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को पानीपत, हरियाणा

में हुआ। प्रशिक्षण शिविर: रहा साई एनएसएनआईएस पटियाला जिससे पंजाब से भी गहरा राब्ता और नाता रहा। 

वर्तमान प्रशिक्षण शिविर: उप्साला, स्वीडन रहा। राष्ट्रीय कोच: डॉ. क्लोस बार्टोनिट्ज ने बहुत से गुर सिखाए। 

गौरतलब है कि नीरज हरियाणा के खंडरा गांव के रहने वाले हैं। वह जब 12 वर्ष के थे, तब उनके शरीर का वज़न  सामान्य से अधिक था। यह एक स्पष्ट इशारा था और उनके परिवार के लोग लगातार उनसे खेल की दुनिया में उतरने के लिए कहते रहे। आखिरकार नीरज ने अपने परिवार वालों की बात मानते हुए पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में प्रशिक्षण शुरू कर दिया। कुछ सीनियर को स्टेडियम में भाला फेंकते हुए देखने के बाद, नीरज ने भाला फेंक खेल के क्षेत्र में ही अपनी किस्मत आज़माने का फैसला किया। सौभाग्य से नीरज को तंदुरुस्त बनने के लिए कठोर प्रशिक्षण करने के एक माध्यम के तौर पर इस खेल ने आकर्षित किया। इसके बाद वह 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले भाला फेंक खिलाड़ी बन का सामने आया। यह एक बहुत ही सम्मान की बात थी। इससे और उम्मीदें जगीं। नीरज ने और मेहनत शुरू की। इससे सफलता का गुरमन्त्र और मज़बूत होता चला गया। 

इससे उपलब्धियां भी बढ़तीं चलीं गईं। इस सूची का लम्बा होते जाना भी सभी के लिए एक छुपी हुई ख़ुशी बन रहा था।  स्वर्ण पदक, एशियाई खेल 2018 में जीतना बहुत बड़ा एलान था अपने आप में। 

इसी तरह स्वर्ण पदक, राष्ट्रमंडल खेल 2018 में भी एक और सम्मान जोड़ गया। फिर स्वर्ण पदक, एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017,  स्वर्ण पदक, विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2016, - स्वर्ण पदक, दक्षिण एशियाई खेल 2016, रजत पदक, एशियाई जूनियर चैंपियनशिप 2016, वर्तमान राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक (88.07 मीटर - 2021) और वर्तमान विश्व जूनियर रिकॉर्ड धारक (86.48 मीटर - 2016) भी उल्लेखनीय रहा। 

सरकार भी उत्साहित रही और इस तरफ ध्यान देती रही। सरकार ने सहायता में भी योगदान दिया। सरकार से मिली प्रमुख मदद में शामिल है यूरोप में प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए वीजा सपोर्ट लेटर,स्पोर्ट्स गियर और रिकवरी इक्विपमेंट की खरीद के लिए वित्तीय सहायता,नेशनल प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण के लिए बायो-मैकेनिस्ट विशेषज्ञ सह कोच की भर्ती और विदेशों में खेलने के अवसर,महासंघ और एनजीओ के साथ इंजरी मैनेजमेंट और रिहैबिलिटेशन और वर्तमान ओलंपिक चक्र में 26 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए वित्तीय सहायता इत्यादि। वित्त पोषण (रियो ओलंपिक 2016 के बाद से अब तक) जारी है। 

टाप्स

एसीटीसी

कुल

करीब 52,65,388 रुपये

करीब 1,29,26,590 रुपये

करीब 1,81,91,978 रुपये

कोच (प्रशिक्षकों) का विवरण:

ग्रासरूट लेवल: श्री जय चौधरी

डेवलपमेंट लेवल: दिवंगत श्री गैरी कैलवर्ट और श्री यू होन

एलीट लेवल: डॉ. क्लोस बार्टोनिट्ज

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एमजी/एएम/एमपी/पीके/डीवी

Friday, August 6, 2021

अब खेलरत्न पुरस्कार का नाम होगा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न

 हॉकी का जादूगर कहा जाता था मेजर ध्यान चंद को 

नयी दिल्ली: 6 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन ब्यूरो)::

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब राजीव गांधी खेल रत्न नहीं बल्कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न होगा। भारतीय हॉकी टीमों के तोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। इसे एक बहुत बड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि लोग मेजर ध्यान चंद को हॉकी का जादूगर कहते थे। एक किवदंती थी कि मेजर ध्यानचंद की हॉकी में कोई ऐसा चुंबक लगा हुआ होता है जिससे गेंद उस हॉकी के साथ साथ ही रहती है। हालाँकि ऐसा कुछ भी नहीं  था लेकिन आम लोगों के दिलों और दिमाग में कुछ ऐसी धारणा बन चुकी थी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब यह घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें देशवासियों के अनुरोध मिल रहे हैं कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जाये तो बहुत से लोगों को मेजर ध्यान  चंद की वो भूली बिसरी  पुरानी कहानियां भी याद आ गईं। 

इस पर बाकायदा ट्वीट भी किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने इस पर बाकायदा ट्वीट किया ,"देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाये। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।"

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि टोक्यो लंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है। उन्होंने कहा कि अब हॉकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है जो आने वाले समय के लिये सकारात्मक संकेत है ।

गौरतलब है कि खेल रत्न सम्मान के तहत 25 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाता है।