Wednesday, August 18, 2021

हरियाणा का लाल नीरज चोपड़ा देश का गौरव है

 मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किया नीरज का विशेष सम्मान  


चंडीगढ़
: 18 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन//हरियाणा स्क्रीन)::

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि हरियाणा का लाल नीरज चोपड़ा देश का गौरव है। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने आवास पर मुलाकात के लिए पहुंचे ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा से मुलाकात के दौरान यह बात कही। इस दौरान हरियाणा के खेल राज्य मंत्री सरदार सन्दीप सिंह भी मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीरज चोपड़ा ने देश के साथ-साथ हरियाणा ही नहीं अपने गांव और परिवार का भी नाम रोशन किया है। नीरज की इस उपलब्धि में परिवार का बड़ा योगदान है। परिवार के योगदान के परिणामस्वरूप ही नीरज ने देश का गौरव बढ़ाने का काम किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने नीरज से लंबी बातचीत की और उनके अनुभवों के बारे में जाना। उनके कोच, भाला फेंक के राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड को लेकर भी चर्चा हुई। 

नीरज को श्रीमद्भागवत गीता भेंट की

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने नीरज चोपड़ा का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने नीरज को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने नीरज के साथ आए उनके चाचा भीम चोपड़ा को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। 

बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा के चाचा श्री भीम चोपड़ा ने मुख्यमंत्री को अपने गांव आने का न्यौता दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही कार्यक्रम बनाता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए खेल राज्यमंत्री सरदार सन्दीप सिंह कोऑर्डिनेट कर लेंगे। 

उल्लेखनीय है कि ओलंपिक में हरियाणा के खिलाडिय़ों के महत्वपूर्ण मुकाबलों को देखने के लिए मुख्यमंत्री ने अति व्यस्तता के बावजूद समय जरूर निकाला। 

हरियाणा को खेलों का हब बनाना लक्ष्य

नीरज चोपड़ा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को खेलों का हब बनाना है। इसके लिए नीरज चोपड़ा जैसे होनहार खिलाड़ी युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का काम करेंगे ही।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अन्य खिलाडिय़ों के गांव वालों से भी मिलना हुआ है और उन्होंने भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए अच्छे सुझाव दिए हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

उन्होंने कहा कि पंचकूला में एथलेटिक्स के लिए स्थापित किये जा रहे उत्कृष्टता केंद्र खेलों के बढ़ावे के लिए कारगर साबित होगा। 

सम्मान समारोह में न पहुंच पाने का मलाल-नीरज

गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने कहा कि 13 अगस्त को हरियाणा सरकार की तरफ से आयोजित सम्मान समारोह में बीमार होने के कारण नहीं पहुंच पाया था। उक्त कार्यक्रम में शामिल न हो पाने का मलाल है। 

उन्होंने महिला हॉकी खिलाडिय़ों को विशेष तौर पर सम्मानित करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

नीरज ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रधानमन्त्री जी और मुख्यमंत्री जी से मुलाकात में केवल खेलों पर ही बात हुई। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री जी से मुलाकात के बाद बेहद अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हरियाणा का चूरमा तो सब जगह प्रसिद्ध है।   

इस दौरान खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री एके सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, एडीजीपी सीआईडी श्री आलोक मित्तल, खेल विभाग के निदेशक श्री पंकज नैन सहित खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 


Saturday, August 7, 2021

भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने दिखाया जीत का जादू

Posted On: 07 AUG 2021 6:46PM by PIB Delhi

 एथलेटिक्स में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने 


टोक्यो ओलंपिक में भारत को मिला सातवां पदक 

इससे देश को अभी तक मिले सबसे ज्यादा पदक हैं

नीरज चोपड़ा ने कमाल कर दिखाया है। उसने साबित क्र दिया है की जूनून और लग्न हो तो सब कुछ सम्भव हो सकता है। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इतिहास रचने के लिए नीरज चोपड़ा को बधाई दी। 

खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने भी नीरज की ख़ुशी और उत्साह को बढ़ाते हुए कहा, बधाई नीरज, आपका नाम इतिहास की पुस्तकों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा

टोक्यो ओलंपिक में आज 23 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही, वह स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट और अभिनव बिंद्रा के बाद भारत के दूसरे व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए। अभिनव बिंद्रा ने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के पदकों की संख्या सात तक पहुंचा दी, जो 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में जीते अभी तक के सबसे ज्यादा छह पदकों से ज्यादा हैं। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर और उत्साही देशवासियों ने भारत को गौरवान्वित करने के लिए नीरज चोपड़ा को बधाई दी।

राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने नीरज चोपड़ा को बधाई दी और कहा, आपकी असाधारण उपलब्धि युवाओं की प्रेरित करेगी। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, “नीरज चोपड़ा की असाधारण जीत! भाला फेंक में आपका स्वर्ण कई बाधाओं को तोड़ता है और इतिहास रचता है। अपने पहले ओलंपिक में आप भारत के लिए अभी तक का पहला ट्रैक एंड फील्ड पदक लेकर आए हैं। आपकी असाधारण उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करेगी। भारत उत्साहित है! हार्दिक बधाइयां।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शानदार प्रदर्शन के लिए नीरज को बधाई दी और ट्वीट किया, "टोक्यो में इतिहास रचा गया है! नीरज चोपड़ा ने आज जो उपलब्धि हासिल की है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। युवा नीरज ने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। वह असाधारण उत्साह के साथ खेले और बेजोड़ धैर्य का प्रदर्शन किया। स्वर्ण जीतने के लिए उन्हें बधाई।

खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने बधाई संदेश के साथ जीत के पल देखने की अपनी एक क्लिप साझा की। खेल मंत्री ने ट्वीट किया, “नीरज चोपड़ा, भारत के गोल्डन ब्वॉय! आपका शानदार थ्रो एक अरब तारीफों का हकदार है! आपका नाम इतिहास की पुस्तकों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।#Tokyo2020”

नीरज चोपड़ा का व्यक्तिगत विवरण:

खेल: पुरुष भाला फेंक में कमल कर दिखाने वाले नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को पानीपत, हरियाणा

में हुआ। प्रशिक्षण शिविर: रहा साई एनएसएनआईएस पटियाला जिससे पंजाब से भी गहरा राब्ता और नाता रहा। 

वर्तमान प्रशिक्षण शिविर: उप्साला, स्वीडन रहा। राष्ट्रीय कोच: डॉ. क्लोस बार्टोनिट्ज ने बहुत से गुर सिखाए। 

गौरतलब है कि नीरज हरियाणा के खंडरा गांव के रहने वाले हैं। वह जब 12 वर्ष के थे, तब उनके शरीर का वज़न  सामान्य से अधिक था। यह एक स्पष्ट इशारा था और उनके परिवार के लोग लगातार उनसे खेल की दुनिया में उतरने के लिए कहते रहे। आखिरकार नीरज ने अपने परिवार वालों की बात मानते हुए पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में प्रशिक्षण शुरू कर दिया। कुछ सीनियर को स्टेडियम में भाला फेंकते हुए देखने के बाद, नीरज ने भाला फेंक खेल के क्षेत्र में ही अपनी किस्मत आज़माने का फैसला किया। सौभाग्य से नीरज को तंदुरुस्त बनने के लिए कठोर प्रशिक्षण करने के एक माध्यम के तौर पर इस खेल ने आकर्षित किया। इसके बाद वह 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले भाला फेंक खिलाड़ी बन का सामने आया। यह एक बहुत ही सम्मान की बात थी। इससे और उम्मीदें जगीं। नीरज ने और मेहनत शुरू की। इससे सफलता का गुरमन्त्र और मज़बूत होता चला गया। 

इससे उपलब्धियां भी बढ़तीं चलीं गईं। इस सूची का लम्बा होते जाना भी सभी के लिए एक छुपी हुई ख़ुशी बन रहा था।  स्वर्ण पदक, एशियाई खेल 2018 में जीतना बहुत बड़ा एलान था अपने आप में। 

इसी तरह स्वर्ण पदक, राष्ट्रमंडल खेल 2018 में भी एक और सम्मान जोड़ गया। फिर स्वर्ण पदक, एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017,  स्वर्ण पदक, विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2016, - स्वर्ण पदक, दक्षिण एशियाई खेल 2016, रजत पदक, एशियाई जूनियर चैंपियनशिप 2016, वर्तमान राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक (88.07 मीटर - 2021) और वर्तमान विश्व जूनियर रिकॉर्ड धारक (86.48 मीटर - 2016) भी उल्लेखनीय रहा। 

सरकार भी उत्साहित रही और इस तरफ ध्यान देती रही। सरकार ने सहायता में भी योगदान दिया। सरकार से मिली प्रमुख मदद में शामिल है यूरोप में प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए वीजा सपोर्ट लेटर,स्पोर्ट्स गियर और रिकवरी इक्विपमेंट की खरीद के लिए वित्तीय सहायता,नेशनल प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण के लिए बायो-मैकेनिस्ट विशेषज्ञ सह कोच की भर्ती और विदेशों में खेलने के अवसर,महासंघ और एनजीओ के साथ इंजरी मैनेजमेंट और रिहैबिलिटेशन और वर्तमान ओलंपिक चक्र में 26 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए वित्तीय सहायता इत्यादि। वित्त पोषण (रियो ओलंपिक 2016 के बाद से अब तक) जारी है। 

टाप्स

एसीटीसी

कुल

करीब 52,65,388 रुपये

करीब 1,29,26,590 रुपये

करीब 1,81,91,978 रुपये

कोच (प्रशिक्षकों) का विवरण:

ग्रासरूट लेवल: श्री जय चौधरी

डेवलपमेंट लेवल: दिवंगत श्री गैरी कैलवर्ट और श्री यू होन

एलीट लेवल: डॉ. क्लोस बार्टोनिट्ज

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एमजी/एएम/एमपी/पीके/डीवी

Friday, August 6, 2021

अब खेलरत्न पुरस्कार का नाम होगा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न

 हॉकी का जादूगर कहा जाता था मेजर ध्यान चंद को 

नयी दिल्ली: 6 अगस्त 2021: (खेल स्क्रीन ब्यूरो)::

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब राजीव गांधी खेल रत्न नहीं बल्कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न होगा। भारतीय हॉकी टीमों के तोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। इसे एक बहुत बड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि लोग मेजर ध्यान चंद को हॉकी का जादूगर कहते थे। एक किवदंती थी कि मेजर ध्यानचंद की हॉकी में कोई ऐसा चुंबक लगा हुआ होता है जिससे गेंद उस हॉकी के साथ साथ ही रहती है। हालाँकि ऐसा कुछ भी नहीं  था लेकिन आम लोगों के दिलों और दिमाग में कुछ ऐसी धारणा बन चुकी थी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब यह घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें देशवासियों के अनुरोध मिल रहे हैं कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जाये तो बहुत से लोगों को मेजर ध्यान  चंद की वो भूली बिसरी  पुरानी कहानियां भी याद आ गईं। 

इस पर बाकायदा ट्वीट भी किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने इस पर बाकायदा ट्वीट किया ,"देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाये। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।"

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि टोक्यो लंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है। उन्होंने कहा कि अब हॉकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है जो आने वाले समय के लिये सकारात्मक संकेत है ।

गौरतलब है कि खेल रत्न सम्मान के तहत 25 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाता है। 

Friday, July 30, 2021

लवलीना बोरगोहेन का टोक्यो ओलंपिक में एक और कमाल

30-जुलाई-2021 17:55 IST

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए एक और पदक पक्का किया

पूर्वोत्तर की खेल और फिटनेस संस्कृति भारत को समृद्ध लाभांश दे रही है- जी किशन रेड्डी

नई दिल्ली//गुवाहाटी: 30 जुलाई 2021: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी.किशन रेड्डी ने कहा कि, पूर्वोत्तर राज्यों में खेल तथा फिटनेस गतिविधियों के प्रति उत्साह होना एक सर्वविदित तथ्य है। यह बात मेरे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) मंत्री बनने से पहले ही इन खूबसूरत क्षेत्रों की मेरी यात्रा में स्पष्ट थी।

अब जब लवलीना बोरगोहेन ने एक पूर्व विश्व चैंपियन को हराने के बाद टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए दूसरा पदक पक्का कर दिया है, तो यह मेरे लिए अत्यधिक गर्व की बात है। मेरी तरह ही, यह न केवल असम के हर व्यक्ति के लिए बल्कि प्रत्येक भारतवासी के लिए आनंद का क्षण है। उन्होंने कहा कि असम के गोलाघाट जिले के बरो मुखिया गांव की एक युवती को टोक्यो ओलंपिक में पोडियम पर आते हुए देखना मुझे बहुत प्रसन्नता से भर देता है।

इससे पहले आज दिन में केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया कि, “#टोक्यो2020 में महिला वेल्टर वेट वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर @LovlinaBorgohai को बधाई। उन्होंने कहा कि, #ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली असम की पहली महिला मुक्केबाज अब #टोक्यो2020 में भारत के लिए पदक हासिल करने वाली पहली मुक्केबाज बन गई हैं।

लवलीना की लगातार लड़ने की भावना और कभी न हारने वाला रवैया जगजाहिर है। हम में से कई लोगों ने लवलीना को लॉकडाउन के दौरान गैस सिलेंडर के साथ अभ्यास करते देखा होगा।


यह नारी शक्ति ही है जिसके बारे में प्रधानमंत्री लगातार चर्चा करते रहते हैं और चाहते हैं कि, हम इस उपलब्धि का उत्सव मनाएं। लवलीना का टोक्यो में सफर अगले सप्ताह सेमीफाइनल मुकाबले में जारी रहेगा। भारत लवलीना का उचित सम्मान करेगा और प्रत्येक व्यक्ति उसे अपने में से एक के रूप में मानेगा, क्योंकि उन्होंने लवलीना के प्रसिद्ध घूंसे देखे हैं। आज हम जश्न मनाएं क्योंकि, हमने अब तक जो दो पदक जीते हैं, वे दो अद्भुत लड़कियों की मेहनत का ही फल है, यह उपलब्धि उन दृढ़ महिलाओं के कारण हैं, जिन्होंने सभी बाधाओं का डटकर सामना किया। (PIB)

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एमजी/एएम/एनके/एसएस

Wednesday, July 14, 2021

टोक्यो जाने वाले भारतीय दल के लिए आधिकारिक चीयर सॉन्ग लॉन्च

14-जुलाई-2021 19:29 IST

 चीयर सॉन्ग को लॉन्च किया खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 


नई दिल्ली
: 14 जुलाई 2021: (खेल स्क्रीन//पीआईबी)::

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने टोक्यो जाने वाले भारतीय दल के लिए वर्चुअल माध्यम से आधिकारिक चीयर सॉन्ग को लॉन्च किया है जो तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। बहुत ही संगीतक  भी है और लयपूर्ण भी। इसे सुनते हुए व्यक्ति इस गीत में खो जाता है। शायद यह ए आर रहमान साहिब का जादू है। 


यह एक ऐतिहासिक अवसर था जब 
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को एक वर्चुअल कार्यक्रम में टोक्यो जाने वाले भारतीय दल के लिए आधिकारिक चीयर सॉन्ग (उत्साह बढ़ाने वाला गीत) को लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में युवा मामले और खेल राज्यमंत्री श्री निसिथ प्रमाणिक, भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री नरिंदर बत्रा, भारतीय ओलंपिक संघके महासचिव श्री राजीव मेहता, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री संदीप प्रधान और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के सीईओ कमांडर राजगोपालन भी मौजूद रहे। ‘हिंदुस्तानी वे’ शीर्षक वाले गीत को युवा पॉप गायक अनन्या बिड़ला ने गाया है और इसे अनुभवी भारतीय संगीतकार एआर रहमान ने संगीतबद्ध किया है।

इस मौके को यादगारी बनाते हुए श्री अनुराग ठाकुर ने कठिन समय में एक साथ आने और पूरे जोश के साथ इस चीयर सांग को बनाने के लिए कलाकारों को बधाई दी। “मैं ए आर रहमान और अनन्या बिड़ला को इस पहल के लिए धन्यवाद देता हूं।उन्होंने पूरे जोश और लगन के साथ इस गाने को कंपोज किया है, कोविड-19 के संकट के समय भी इस गाने को बनाने में उन्होंने काफी मेहनत की है।यह गाना हमने टीम इंडिया का उत्साह बढ़ाने के लिए बनाया है। मैं उन सभी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।" श्री ठाकुर ने कहा “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि इस गीत को अधिक से अधिक शेयर करें।"

Friday, June 18, 2021

खेल पुरस्कार 2021 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाई

 18-जून-2021 17:05 IST

खेल मंत्रालय ने कहा अब अंतिम तिथि 28 जून तक होगी 

नई दिल्ली: 18 जून 2021: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

खेलों के क्षेत्र में बहुत से युवा बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे हैं। यदि उन्हें उत्साह मिले तो वे और भी अच्छा काम करेंगे। इसी भावना को सामने रखते हुए खेलों के क्षेत्र में पुरस्कार का आवेदन करने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब यह तारीख 28 जून होगी।  

इस संबंध में जारी विज्ञप्ति के मुताबिक युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 2021 के लिए राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार, राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन  पुरस्कर (आरकेपीपी) और मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी(एमएकेए) जैसे खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन/आवेदन 19 और 20 मई को आमंत्रित किए थे। अधिसूचनाएं मंत्रालय की वेबसाइट www.yas.nic.in.पर अपलोड की गई थीं।

नामांकन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 21 जून, 2021 से बढ़ाकर 28 जून, 2021 (सोमवार) कर दी गई है। पुरस्कार के लिए पात्र खिलाड़ियों/ कोचों/ संस्थाओं/ विश्वविद्यालयों से नामांकन/आवेदन आमंत्रित किएजाते हैं और उन्हें surendra.yadav@nic.in या girnish.kumar@nic.in पर ई-मेल किया जाना है। भारतीय ओलंपिक संघों/भारतीय खेल प्राधिकरण/मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघों/खेल संवर्धन बोर्डों/राज्य और केंद्र सरकारों आदि को भी तदनुसार सूचित किया जाता है । 28 जून, 2021 के बाद प्राप्त नामांकन पर विचार नहीं किया जाएगा।


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Monday, May 24, 2021

अंकिता रैना को कोर ग्रुप में जोड़ा गया

24-मई-2021 18:19 IST

टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना- टॉप्स कोर ग्रुप में चार अन्य एथलीटों के साथ जोड़ा

तीन खेलों में करीब एक करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी

नई दिल्ली: 24 मई 2021: (पीआईबी//खेल स्क्रीन)::

खेलों के क्षेत्र मज़बूत करने की कोशिशें तेज़ी  से चल रही हैं। इस मकसद के लिए वित्तीय मज़बूती भी की जा रही है और संगठनात्मक मज़बूती  ध्यान दिया जा रहा है। मूलभूत ढांचे का कायाकल्प करने जैसे प्रयास हो रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय निरंतर सक्रिय हैं। 

जानीमानी टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना को आज हुई बैठक के दौरान टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के साथ जोड़ा गया है। अंकिता रैना का जन्म और पालन-पोषण गुजरात में हुआ है। उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के फिलिप द्वीप में अपना पहला डब्ल्यूटीए 250 खिताब हासिल किया है और इस जीत के बाद से अंकिता महिला सिंगल्स में दुनिया की शीर्ष 100 टेनिस खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। वह बिली जीन किंग कप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सानिया मिर्जा के साथ भी साझेदारी कर रही हैं।

रैना के अलावा, हाल ही में टोक्यो ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले चार अन्य एथलीटों को भी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम कोर ग्रुप में जोड़ा गया है। इनमें रोवर्स अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह को शामिल किया गया और इनके अलावा पहलवान सीमा बिस्ला और सुमित मलिक को भी टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप में पदोन्नत किया गया है।

आज की मिशन ओलिंपिक सेल की बैठक में करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी भी दी गई। ये थे:

कुश्ती: एशियाई चैंपियन विनेश फोगाट इस साल जुलाई में होने वाले ओलंपिक खेलों तक विदेशों में ट्रेनिंग करती रहेंगी। भारतीय खेल प्राधिकरण- साई में आज मिशन ओलिंपिक सेल ने विनेश के बुल्गारिया में हाई एल्टीट्यूड वाली प्रशिक्षण अवधि को पूरा करने के बाद हंगरी और पोलैंड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए भारतीय कुश्ती संघ के माध्यम से टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना में उनके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

विनेश फोगाट ने सितंबर 2019 में विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए 53 किलोग्राम भार वर्ग का ओलंपिक कोटा हासिल किया था, वह 9 जून तक बुडापेस्ट में प्रशिक्षण लेंगी। विनेश 9 से 13 जून तक पोलैंड ओपन के लिए यात्रा करेंगी और वापसी के बाद 2 जुलाई तक बुडापेस्ट में रहेंगी। इस दौरान उनके कोच वोलर अकोस, स्पारिंग पार्टनर प्रियंका और फिजियोथेरेपिस्ट पूर्णिमा रमन न्गोमदिर पूरे समय उनके साथ रहेंगे।

उनके प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के प्रस्ताव की अनुमानित धनराशि 20.21 लाख रुपये है। उन्हें अब तक टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम से 1.13 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिल चुकी है।

टेनिस: टेनिस डबल्स खिलाड़ी दिविज शरण और रोहन बोपन्ना ने भी मिशन ओलंपिक सेल से जनवरी और जून 2021 के बीच क्रमशः 14 और 11 टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए मंजूरी प्राप्त की है।

दिविज शरण के प्रस्ताव की लागत लगभग 30 लाख रुपये है और उन्हें वर्तमान ओलंपिक चक्र में टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना से 80.59 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। कोच स्कॉट डेविडॉफ और फिजियो गौरांग शुक्ला की फीस समेत रोहन बोपन्ना के प्रस्ताव पर 27.61 लाख रुपये का खर्च है। उन्हें मौजूदा ओलंपिक चक्र के दौरान टॉप्स से पहले ही 1.24 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।

रोइंग: मिशन ओलिंपिक सेल ने रोवर अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह को ओलिंपिक खेलों की तैयारी में एक जून से पांच सप्ताह के लिए पुर्तगाल के पोकिन्हो हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। डबल्स स्कलर ने इस महीने की शुरुआत में टोक्यो में ओलंपिक क्वालीफिकेशन हासिल किया था। पोलैंड में उनके कैंप पर करीब 21 लाख रुपये का खर्च आएगा।

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एमजी/एएम/एनके/डीए